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हल्द्वानी। गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरा गुरु साक्षात परब्रह्म, तस्मै श्री गुरुवे नम:…शास्त्रों में गुरु को भी भगवान के सक्षम माना गया है। इसी के चलते भारतवर्ष में गुरु की पूजा का महत्व है।

गुरुओं की पूजा आषाढ़ माह की पूर्णिमा के दिन गुरु पूर्णिमा के रूप में की जाती है। इस दिन गुरु और अपने प्रभु की पूजा की जाती है, सनातन धर्म में गुरु पूर्णिमा के त्योहार का अधिक महत्व है।

हर साल यह पर्व आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इसे आषाढ़ पूर्णिमा और गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है।

इस वर्ष यह पर्व 21 जुलाई रविवार को है। धार्मिक मान्यता है कि इस शुभ अवसर पर स्नान-दान और गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करने से सुख- समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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