हल्द्वानी। नगर निगम विगत कुछ माह से सड़कों पर घूम रहे लावारिस गाय और सांड़ों को गोशाला भेज रहा है लेकिन काम की गति धीमी है।
नगर निगम को हाईकोर्ट में लावारिस पशुओं के मामले में फटकार भी लग गई है। इधर सड़कों पर लावारिस गाय और सांड़ों का घूमना जारी है।
सांड़ के हमले की वजह से पिछले साल भी एक जान गई और इस वर्ष भी जबकि कितने लोग चोटिल हो चुके हैं। इसके बाद जनाक्रोश भड़क गया।
जिसे देखते हुए नगर निगम ने आनन-फानन में लावारिस गोवंशीय पशुओं को गोशाला भेजने का काम शुरू किया
गोशाला की कमी के चलते नगर निगम ने संसाधनों के अभाव में सुस्त गति से काम किया पिछले ढाई माह में केवल 323 गाय और सांड़ों को ही गोशाला भेजा गया है।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि जब तक हमारी गोशाला नहीं बनेगी तब तक हम कितना भी प्रयास कर लें, इस समस्या का समाधान नहीं हो पाएगा।
वहीं प्रशासन ने सख्ती करते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जो अपने पालतू मवेशियों को खुले में छोड़ रहे हैं।
बावजूद इन कार्रवाई के बाद भी शहर की सड़कें मवेशी मुक्त नजर नहीं आ रहीं हैं नगर आयुक्त ने बताया कि गोशाला बनाने के लिए 4.26 हेक्टेयर जमीन नगर निगम को मिली है।
गोशाला का निर्माण होने में भी डेढ़ से दो साल लग जाएंगे। तब तक समस्या घूम कर फिर वहीं आती रहेगी हलांकि राजपुरा और शीशमहल में अस्थाई गो शालाएं चालू हैं।
जिनमें जगह नहीं है वहीं अब आश्रय सेवा समिति की मदद ली जा रही है, जानवरों को पकड़ने के लिए अभियान जारी है, लेकिन जब तक स्थाई गो शाला का निर्माण नहीं हो पाएगा यह दिक्कत अभी जारी रहेगी।














