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नैनीताल में लेक सिटी वेलफेयर क्लब की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में उत्तराखंड में हरेला त्यौहार मनाया जाने वाला हरियाली का प्रतीक हरेला बोया गया

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला 

नैनीताल। उत्तराखंड में प्रकृति प्रेम का प्रतीक हरेला पर्व धूमधाम से मनाया जाता हैI उत्तराखंड की धरती पर अलग-अलग ऋतुओं के अनुसार पर्व-त्योहार मनाए जाते हैं।

ये एक ओर हमारी संस्कृति और प्रकृति के प्रति प्रेम को उजागर करते हैं, तो दूसरी ओर प्रकृति के प्रति पहाड़ के लोगों के सम्मान और प्यार को भी दर्शाता हैं।

आज नैनीताल के लेक सिटी वेलफेयर की महिलाओं द्वारा पारम्परिक परिधान पहनकर पहाड़ की परंपराओं संस्कृति और हरियाली का प्रतीक माने जाने वाले हरेला बोया।

     हरियाली का प्रतीक हरेला श्रावण माह में आषाढ़ में 7 प्रकार के अनाजों के बीजों को मिलाकर बोया जाता है।

दस दिन बाद श्रावण के प्रथम दिन काटा जाता है। श्रावण माह में हरेला सामाजिक महत्व के साथ सावन का आगमन बताता है।

हरेला प्रकृति के प्रति प्रेम श्रद्धा का पर्व है जो पौधारोपण एवं पर्यावरण के प्रति उल्लासित करना है।

महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में झोड़ा और शगुन गाकर हरियाली का प्रतीक हरेला बोया गया।

कार्यक्रम में अध्यक्ष ज्योति ढोडियाल, सचिव दीपा पांडे,रानी साह, उपाध्यक्ष अमिता साह, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सीमा सेठ, कोषाध्यक्ष कविता त्रिपाठी, गीता साह, संयोजक प्रगति जैन, सहसंयोजक प्रेमा अधिकारी, दीपिका बिनवाल, रमा भट्ट, कंचन जोशी, संगीता श्रीवास्तव, रेखा पंत, मीनू बुढ़लाकोटी, जीवंती भट्ट डॉ पल्लवी गहतोड़ी, राम तिवाडी, सरिता त्रिपाठी, नीलम गुप्ता संजय लाल साह आदि लेक सिटी वेलफेयर क्लब के सदस्य मौजूद थे।

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