भीमताल। पतलोट सडक दुर्घटना स्थल पर पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हरीश पनेरू ने ग्रामीण जनों के साथ घटना स्थल को देखा।
घटना स्थल पर उपजिलाधिकारी धारी से माँग कियी कि दुर्घटना किस कारण हुई शासन को स्पष्ट करना चाहिए तथा सड़कों के ख़राब हालत को देखते हुए शासन प्रशासन कभी गंभीरता से नहीं लिया।
जिस कारण बार बार घटना हो रही है प्रशासन व सरकार ने अपनी गलती छुपाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है जोकि ठीक नहीं है।
स्थानीय जनप्रतिनिधि जनता के दुख में शामिल होने की बजाय अपनी गलतियों को छुपाने के लिए पुलिस के माध्यम से जनता को दबाने का प्रयास कर रह है।
जिस कारण आक्रोशित जनता ने रात में मृतक परिवार जनों के साथ हालातों को लेकर रात में प्रदर्शन किया।
प्रशासन द्वारा मृतक परिजनों को 4 लाख रुपये मुआवज़ा सड़क ठीक करने डालकनिया वो हॉस्पिटल की हालत ठीक करने माँगो पर लिखित पत्र लेने के बाद पोस्टमार्टम करवाने को राज़ी हुए।
मामला तब और गरमा गया जब क्षेत्रीय विधायक द्वारा सात लाख रुपया की दी जाने वाली राशि पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।
विधायक मृतक परिजनों को दो ही लाख रुपये दिलवाना चाहते थे जिस कारण काफ़ी गरमा गरमी के बाद ADM के अनुरोध पर विधायक समझौता पत्र में हस्ताक्षर करने को राज़ी हुए।
पनेरु ने कहा कि विधायक को 10 -10 लाख रुपये आर्थिक सहायता दो लाख दिलवा कर बड़ी उपलब्धि मान रहे थे।
लेकिन जनता के विरोध के सामने विधायक को झुकना पड़ा ऐसा लग रहा है की जैसे वे अपनी जेब से दे रहे हैं।
जोकि ग़लत है क्योंकि समस्त परिवार जनों ग़रीब परिवारों से ताल्लुक़ रखते हैं।














