देहरादून। उत्तराखंड में मॉनसून की एंट्री होने के पश्चात् बारिश का दौर निरंतर जारी है। चारधाम यात्रा सहित पर्वतीय रूटों पर गए यात्रियों की समस्याएं बढ़ गईं हैं। बदरीनाथ नेशनल हाईवे जोशीमठ के प्रवेश में पहाड़ी टूटने से बंद हो गया है।
उत्तराखंड में 250 से अधिक सड़कों पर ट्रैफिक पूरी तरह से ठप हो गया है। यहां पर तकरीबन 25 मीटर से अधिक लंबी पहाडी का भाग टूटकर सड़क में आने से सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है।
साथ ही बड़े-बड़े बोल्डर की वजह से मार्ग पूरी तरह से अवरूद्ध हो गया है। सड़क बंद होने से तकरीबन 2 हजार तीर्थ यात्री जोशीमठ नगर में ही रोके गए है।
पहाड़ी का इतना बड़ी भाग टूटकर नीचे आया है कि सड़क बुधवार दोपहर पश्चात् खुलने का अनुमान है। मंगलवार की प्रातः नगर पालिका कूडेदान के निकट पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूटने से पूरे दिन बदरीनाथ एवं हेमकुंड आने जानो वाले तीर्थयात्री एवं स्थानीय लोग परेशान रहे। पूरे नगर क्षेत्र जोशीमठ में जहां तहां यात्रियों एवं यात्रा वाहनों की भीड़ रही।
सड़क बंद होने की खबर प्राप्त होते ही BRO की टीम मशीनों के साथ मौके पर पहुंची तथा पहाड़ी से आई चट्टान और बोल्डर मलबे को हटाने लगी। तकरीबन 9 बजे पहाड़ी में झूलते अन्य बोल्डर व पहाड़ से भारी मलबा टूटकर सड़क में आने से सड़क और क्षतिग्रस्त हो गई है।
वही सड़क बंद होने की वजह से जोशीमठ नगर में तकरीबन बारह सौ से ज्यादा तीर्थयात्री रूके हुए हैं। अधिकांश तीर्थयात्री अपने अपने वाहनों की ओट में सड़क में ही पूरे दिन लेटे व परेशान रहे।
जोगीधारा वन विभाग नर्सरी से वन विभाग चैक पोस्ट तक तकरीबन 2 किलोमीटर पहाड़ी की ओर बने बटिया मार्ग से आने जाने के लिए सरकारी वाहन से अनाउन्समैंट करवाया।
तत्पश्चात, कई तीर्थयात्री इस पैदल ट्रैक से पार किया। उत्तराखंड में निरंतर हो रही वर्षा से यात्रियों की परेशानियां बढ़ रहीं हैं। बारिश के पश्चात् प्रदेशभर में 256 सड़कें बंद हो गईं हैं। रिपोर्ट के मुताबिकसोमवार को राज्य में 271 सड़कें बंद थी।
जबकि मंगलवार को 151 सड़कें और बंद हो गई। हालांकि कुल बंद 422 सड़कों में से मंगलवार शाम तक 166 सड़कों को खोल दिया गया। तत्पश्चात, अब बंद सड़कों की संख्या 256 रह गई है।
लोनिवि के मुख्य अभियंता डीके यादव ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने के लिए 200 से ज्यादा JCB मशीनों को तैनात किया गया है।





