ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

चारधाम यात्रा से पहले बदला मौसम, केदारनाथ में 4 फीट बर्फ; तैयारियों पर असर

उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है, जिसका सीधा असर आगामी चार धाम यात्रा 2026 की तैयारियों पर पड़ता दिख रहा है।

पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश और बर्फबारी के चलते हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं, जबकि यात्रा शुरू होने में अब एक महीने से भी कम समय बचा है।

यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगी। इसके बाद केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

केदारनाथ में बर्फ की मोटी चादर, हालात चुनौतीपूर्ण

लगातार हो रही बर्फबारी के चलते केदारनाथ धाम पूरी तरह बर्फ से ढक गया है। यहां करीब 3 से 4 फीट तक बर्फ जम चुकी है, जिससे यात्रा मार्ग और व्यवस्थाओं पर असर पड़ रहा है।

मंदिर समिति के अनुसार, शून्य से नीचे तापमान और खराब मौसम के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी गई है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में

कठिन परिस्थितियों के बीच भी उत्तराखंड पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान पूरी मुस्तैदी से तैनात हैं।

मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार गश्त की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके और मंदिर की सुरक्षा व पवित्रता बनी रहे।

कई जिलों में बर्फबारी और हिमस्खलन का खतरा

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के मौसम में अचानक बदलाव हुआ है। पिछले कुछ दिनों की गर्मी और धूप के बाद बारिश और बर्फबारी ने ठंड बढ़ा दी है।

उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में बीते दो दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है। कई जगहों पर हिमस्खलन (एवलांच) की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है।

तैयारियों पर पड़ सकता है असर

चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले इस तरह का मौसम प्रशासन और सरकार के लिए चुनौती बन सकता है। भारी बर्फबारी के कारण रास्तों की सफाई, बुनियादी सुविधाओं की बहाली और सुरक्षा इंतजामों को समय पर पूरा करना बड़ी चुनौती होगी।

फिलहाल, प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और उम्मीद की जा रही है कि मौसम साफ होते ही तैयारियों में तेजी लाई जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

यह भी पढ़ें :  हल्द्वानी : कल 18 मार्च को मनाया जायेगा पहाड़ी आर्मी का स्थापना दिवस
error: Content is protected !!