ईरान संकट का असर: अमेरिका–इजरायल हमलों के बाद गृह मंत्रालय ने राज्यों को किया अलर्ट, दूतावासों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद गृह मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों को संभावित हिंसा, छिटपुट विरोध प्रदर्शनों और आतंकी गतिविधियों को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का असर भारत की आंतरिक सुरक्षा पर पड़ सकता है, इसलिए सभी सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
यह अलर्ट 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में हुए शिया समुदाय के विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर जारी किया गया है।
मंत्रालय का मानना है कि मौजूदा वैश्विक तनाव का फायदा उठाकर असामाजिक और आतंकी तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं।
दूतावासों के बाहर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
राज्यों को भेजे गए निर्देशों में कहा गया है कि ईरान समर्थक और ईरान विरोधी समूहों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए। विशेष रूप से ईरान, अमेरिका और इजरायल के दूतावासों व वाणिज्य दूतावासों के आसपास सुरक्षा घेरा मजबूत किया जाए।
खुफिया इनपुट के बाद जारी हुआ अलर्ट
गृह मंत्रालय ने खुफिया एजेंसियों के इनपुट का हवाला देते हुए चेतावनी दी है कि शिया मिलिशिया के साथ-साथ इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा जैसे आतंकी संगठन इस तनावपूर्ण माहौल का फायदा उठाकर अशांति फैलाने की कोशिश कर सकते हैं।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सख्त निर्देश
अलर्ट में कहा गया है कि दूतावासों के अलावा प्रमुख पर्यटक स्थल, यहूदी संस्थान और पश्चिमी देशों से जुड़े प्रतिष्ठान संभावित निशाने पर हो सकते हैं।
केंद्र ने राज्यों को संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने की सलाह दी है। स्थानीय पुलिस को भीड़भाड़ वाले इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाने और आईईडी जैसे विस्फोटकों की पहचान के लिए नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही सोशल मीडिया की कड़ी निगरानी करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि भड़काऊ संदेशों और अफवाहों के प्रसार को समय रहते रोका जा सके। साइबर सेल को ऐसे डिजिटल कंटेंट पर नजर रखने को कहा गया है जो सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ सकता है।
सभी राज्यों के पुलिस डीजीपी को त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्रालय ने कहा है कि वह लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है और राज्यों के संपर्क में है।

