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नैनीताल रामसेवक सभा प्रांगण में कुमाऊनी रामलीला आयोजन में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पंकज पुरोहित पहुंचे

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल। राम सेवक सभा द्वारा रामलीला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है वही आज मुख्य अतिथि के रूप में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पंकज पुरोहित पहुंचे।

बाल कलाकारों के अभिनय को देखकर न्यायाधीश भी मंत्रमुग्ध हो गये। जस्टिस पंकज पुरोहित ने परिवार के संग देर रात तक रामलीला का आनंद उठाया। रामसेना सभा के पदाधिकारियो ने उनको प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया ।

चौथे दिन की राम लीला में श्री राम के वनवास, निषाद मिलन की लीला, और श्रवण कुमार नाटक को खेल गया। वही दशरथ की भूमिका में सतीश पांडे ने कहा की वो दशरथ का पाठ 15 साल से करते आ रहे है।

दशरथ का पाठ जिमसे दशरथ राजा कभी झूठ नहीं बोलते हैं सत्य की राह में चलते थे, चाहे उन्होंने अपने बच्चों को वनवास भेजना पड़ा किसी भी परिस्थितियों में झूठ नहीं बोला। राम लक्ष्मण सीता वनवास को जा रहे थे। उनके अभिनय को देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए।

बता दे कि कुमाऊँ में रामलीला का इतिहास सदियों पुराना रहा है, करीब 100 साल पहले नैनीताल के मल्लीताल में रामलीला की शुरूआत हुई और तब से लेकर आज तक मल्लीताल राम सेवक सभा में कुमाउनी रामलीला का दौर जारी है।

शास्त्रीय संगीत व् रागों और धूनों पर संवाद पर आधारित रामलीला में वक्त के मुताबिक कई बदलाव आये लेकिन लोगो के बीच रामलीला की लोक प्रियता में कोई कमी नही आई है।

कार्यक्रम को सफल बनाने मेंअध्यक्ष मनोज लाल शाह महासचिव जगदीश बवाड़ी गोधन सिंह बिष्ट, हरीश राणा, दिनेश भट्ट, कैलाश जोशी, भीम सिंह कार्की, विमल चौधरी, विमल शाह, मुकुल जोशी, राजेंद्र लाल शाह, प्रोफेसर ललित तिवारी, मुकेश कुमार मंटू,आदि लोग मौजूद थे।

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