ब्रेकिंग न्यूज़
हल्द्वानी : मुखानी क्षेत्र में दो बड़ी चोरियों का खुलासा, अंतरराज्यीय शातिर चोर गिरफ्तारहल्द्वानी: झपट्टा मारों के लिए काल बना ‘ऑपरेशन प्रहार’ : एसएसपी मंजुनाथ टीसी के निर्देश पर शातिर लुटेरों के गिरोह का गेम ओवर, लाखों के मोबाइल सहित मोटरसाइकिल बरामद, झपट्टा मार गिरफ्तारअपराधियों के लिए काल बने SSP डॉ0 मंजुनाथ टी.सी.; मुखानी चोरी कांड के शातिर अपराधी को किया गिरफ्तार, ​दो वारदातों का एक साथ अंत, 9 लाख के जेवरात बरामद—नैनीताल पुलिस की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइकहल्द्वानी: ध्रुव रौतेला बने उत्तराखंड मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष, सरकार ने जारी किया आदेशहल्द्वानी में निजी स्कूलों की मनमानी जारी, SOP के बावजूद महंगी किताबें लागू
खबर शेयर करे -

उत्तराखंड में 6 महीनों में अब तक 682 लोगों की गई जान

उत्तराखंड में सड़क हादसे लगातार बढ़ते जा रहे हैं. हादसों की वजह से सैकड़ों की संख्या में लोगों की जान जा रही है. राज्य सरकार लगातार इन हादसों को कम करने की कोशिश कर रही है।

हादसों का मुख्य कारण तेज वाहन चलाना और रैश ड्राइविंग सामने आ रहा है. जनवरी 2024 से लेकर जून 2024 तक प्रदेश में 1075 सड़क हादसे हुए है. इनमे 578 खतरनाक हादसे हुए, जिनमे 701 लोगो की जान गई.

प्रदेश में होने वाले सभी एक्सीडेंट का डाटा यातायात निदेशालय के पोर्टल पर दर्ज दिया जाता है. इन हादसे को एनालाइज करने पर मालूम हुआ कि अगर थोड़ी सी जागरूकता फैलाई जाए तो ऐसे हाथ से रुक जा सकते हैं।

कई जिंदगियों को बचाया जा सकता है.उत्तराखंड राज्य में हर साल जितनी हत्याएं होती हैं. उनसे कहीं गुना ज्यादा सड़क हादसे में लोगों की मौत हर साल होती है. हाथों में मरने वालों की संख्या की अगर बात करें तो हर साल एक से डेढ़ हजार लोगों की जान सड़क हादसों में जाती है।

6 महीने में 282 लोगों की गई जान
उत्तराखंड में हादसों के लिए अगर पिछले 6 महीनों के आंकड़े देखें तो तो पिछले छह महीनों में सड़क हादसे में लगभग 282 लोगों की जान जा चुकी है. ये आंकड़ा इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटा बेस ( आईरैड) में पुलिस अपने पास दर्ज किया है।

जनवरी 2024 से लेकर जून 2024 तक प्रदेश में 1075 सड़क हादसे हुए है. इनमें 578 खतरनाक हादसे हुए जिनमे 701 लोगो की जान गई गई. प्रदेश में होने वाले सभी एक्सीडेंट का डाटा यातायात निदेशालय के पोर्टल पर दर्ज दिया जाता है।

सबसे ज्यादा मौत सड़क हादसे में
उत्तराखंड राज्य में हर साल जितनी हत्याएं होती है. उनसे कहीं गुना ज्यादा सड़क हादसे में लोगों की मौत हर साल होती है. हाथों में मरने वालों की संख्या की अगर बात करें तो हर साल एक से डेढ़ हजार लोगों की जान सड़क हादसों में जाती है।

उत्तराखंड में होने वाले इन तमाम सड़क हादसों में पुलिस मौके पर जाकर तफ्तीश करती है और हाथ से की जगह का इंस्पेक्शन कर पूरा डाटा यातायात निदेशालय के पोर्टल पर दर्ज करती है।

आपको बता दें कि इस साल 263 हादसे प्रदेश भर में हुए हैं. इनमें 159 लोगों की जान गई. जबकि रेस ड्राइविंग से 197 हादसे हुए. जिनमें 123 लोगों की जान गई।

यह भी पढ़ें :  हल्द्वानी : सागौन तस्करी का भंडाफोड़, लाखों की बेशक़ीमती लकड़ी बरामद, वन कर्मियों की मिलीभगत आई सामने

You missed

error: Content is protected !!