हल्द्वानी। पहाड़ी आर्मी संगठन के संस्थापक गोपाल मेहरा पर 2 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के लगाए गए आरोपों को संगठन ने पूरी तरह निराधार और झूठा बताया है।
इस मामले को लेकर संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुखानी थाने में धरना दिया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
बताया जा रहा है कि महालक्ष्मी ज्वेलर्स की ओर से गोपाल मेहरा पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया है। पहाड़ी आर्मी के पदाधिकारियों का कहना है कि यह आरोप संगठन की छवि धूमिल करने और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने की साजिश है।
इस दौरान संगठन के समर्थन में पहुंचे हरीश रावत ने कहा कि सोशल मीडिया पर बिना प्रमाण किसी पर भी आरोप लगाना सरासर गलत और नीच हरकत है।
उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का दुरुपयोग कर निराधार आरोप लगाने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आत्मसम्मान के साथ समझौता नहीं किया जाएगा—“सिर कटाएंगे मगर झुकाएंगे नहीं।”
जिलाध्यक्ष राजेंद्र कांडपाल ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से किसी की छवि को धूमिल करना अपराध है और ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं महिला नगर अध्यक्ष कविता जीना ने कहा कि यह आरोप केवल संस्थापक पर नहीं बल्कि पूरे संगठन पर लगाया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह साजिश कर संगठन और हरीश रावत की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है।
धरने में पहाड़ी आर्मी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं अन्य समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

