आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच, जहां दुनियाभर की कई बड़ी कंपनियां वर्कफोर्स में कटौती कर एआई में भारी निवेश की राह पर हैं, वहीं आईटी सेक्टर से एक राहत देने वाली खबर सामने आई है।
देश की प्रमुख आईटी कंपनी इन्फोसिस ने वित्त वर्ष 2027 में करीब 20,000 ग्रेजुएट्स की भर्ती करने की योजना बनाई है।
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक के दौरान कंपनी के सीईओ सलिल पारेख ने इस बात की पुष्टि की।
छंटनी के दौर में बड़ी खुशखबरी
इन्फोसिस का यह बड़ा भर्ती प्लान इस ओर इशारा करता है कि आने वाले वर्षों में एआई और डिजिटल टेक्नोलॉजी आधारित सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ने वाली है।
हालांकि पारंपरिक आईटी सर्विसेज में बदलाव देखने को मिल सकता है, लेकिन कंपनी नेक्स्ट-जेनरेशन डिजिटल और एआई ट्रांसफॉर्मेशन पर आक्रामक रूप से फोकस कर रही है।
यह कदम इन्फोसिस की दीर्घकालिक रणनीति को दर्शाता है, जिसमें भविष्य की टेक्नोलॉजी को केंद्र में रखा गया है।
FY26 में भी जोरदार हायरिंग
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 की पहली तीन तिमाहियों में ही इन्फोसिस लगभग 18,000 ग्रेजुएट्स की भर्ती कर चुकी है।
वहीं, दिसंबर तिमाही में कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में करीब 5,000 का इजाफा हुआ है।
उम्मीद जताई जा रही है कि पूरे FY26 में फ्रेशर्स की हायरिंग का आंकड़ा 20,000 तक पहुंच सकता है।
एआई और ऑटोमेशन से जुड़े नए अवसर
सीईओ सलिल पारेख के अनुसार, कंपनी के क्लाइंट्स की मांग तेजी से बदल रही है और अब उनका झुकाव एआई और ऑटोमेशन की ओर अधिक है।
इन्फोसिस को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, कस्टमर सर्विस और एप्लिकेशन मॉडर्नाइजेशन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर नजर आ रहे हैं, जहां एआई की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
युवाओं के लिए बढ़ा भरोसा
गौरतलब है कि पिछले वर्ष टीसीएस, माइक्रोसॉफ्ट समेत कई वैश्विक कंपनियों ने बड़े पैमाने पर छंटनी की थी, जिसका मुख्य कारण एआई में निवेश बताया गया।
इससे आईटी सेक्टर में करियर को लेकर युवाओं के मन में कई सवाल खड़े हो गए थे।
ऐसे माहौल में इन्फोसिस की यह भर्ती योजना न केवल भरोसा बढ़ाने वाली है, बल्कि यह भी साबित करती है कि एआई के साथ-साथ कुशल टैलेंट की अहमियत बनी रहेगी।














