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उत्तराखंड सरकार की कर्मचारियों को सौगात, इतना बढ़ाया महंगाई भत्ता; किन्हें और कब से मिलेगा फायदा

उत्तराखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। यह निर्णय राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए लाभकारी साबित होगा।
राज्य सरकार ने पाँचवें और छठे वेतन आयोग के तहत कार्यरत कर्मचारियों के DA में वृद्धि को मंजूरी दी है।

सरकार ने पाँचवें वेतनमान के तहत कार्यरत कर्मचारियों का DA 45.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 46 प्रतिशत और छठे वेतनमान के तहत कार्यरत कर्मचारियों का DA 246 से बढ़ाकर 252 करने का निर्णय लिया है। इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन में वृद्धि होगी। यह घोषणा दशहरा से पहले की गई है और इसे पुष्कर सिंह धामी की पहली बड़ी घोषणा माना जा रहा है।

महंगाई भत्ते में वृद्धि का लाभ कब मिलेगा?

कर्मचारियों के मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि महंगाई भत्ते में वृद्धि का लाभ कब से मिलेगा। पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि पाँचवें वेतनमान के तहत कार्यरत सार्वजनिक निकायों और उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए 1 जनवरी, 2025 से महंगाई भत्ते की दर 455 प्रतिशत से बढ़ाकर 466 प्रतिशत कर दी जाएगी।

छठे केंद्रीय वेतनमान के तहत कार्यरत कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 24 प्रतिशत से बढ़ाकर 252 प्रतिशत किया जाएगा। यह वृद्धि भी 1 जनवरी, 2025 से लागू होगी।

महंगाई भत्ते की गणना कैसे होती है?

महंगाई भत्ते की गणना कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई से राहत देने के लिए की जाती है। यह गणना महंगाई दर के आधार पर की जाती है। विभिन्न कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते के नियम अलग-अलग होते हैं। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) का उपयोग किया जाता है।

राज्यों में DA की गणना केंद्र सरकार की घोषणाओं पर निर्भर करती है। कई राज्य केंद्र सरकार की दरों को अपनाते हैं, जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, और राजस्थान। कुछ राज्य अपने विवेक से DA तय करते हैं। उदाहरण के लिए, यदि केंद्र सरकार DA 50% घोषित करती है, तो इसे स्वीकार करने वाले राज्य अपने कर्मचारियों के मूल वेतन का 50% DA देंगे।

चेकडैम बनाने के लिए 96 करोड़ मंजूर किए

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ में निर्माणाधीन जिला कारागार में अतिरिक्त आवासीय भवनों के निर्माण कार्य हेतु 417.72 लाख रुपए तथा उप कारागार, रुड़की में नए अतिरिक्त आवासीय भवनों के निर्माण कार्य हेतु 251.49 लाख रुपए की स्वीकृति भी दे दी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ जिले के धारचूला विधानसभा क्षेत्र के रालम अंतर्गत किलाटम में चेकडैम के निर्माण हेतु 95.49 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है तथा प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत धनराशि अर्थात 57.294 लाख रुपए भी स्वीकृत कर दिए हैं।

सौंदर्यीकरण के काम के लिए करीब 1.3 करोड़ मंजूर

मुख्यमंत्री ने चम्पावत जिले की चम्पावत विधानसभा क्षेत्र के हनुमान मंदिर मेला स्थल, लधौली, आदि मेला स्थल, कालूखान तथा फुटलिंग कालूखान के सौंदर्यीकरण कार्य हेतु 81.50 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है तथा इसकी प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत धनराशि अर्थात 48.90 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं।

6,800 करोड़ रुपए से बनेंगे रोपवे

उधर राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक प्रबंधन लिमिटेड ने मंगलवार को उत्तराखंड पर्यटन विभाग के साथ 6,800 करोड़ रुपए की दो रोपवे परियोजनाओं के विकास के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक प्रबंधन लिमिटेड सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के तहत आने वाली एक विशेष इकाई (SPV) है। इन रोपवे में 4,100 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली 12.9 किलोमीटर लंबी सोनप्रयाग-केदारनाथ परियोजना और 2,700 करोड़ रुपए की लागत वाली 12.4 किलोमीटर लंबी गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब परियोजना शामिल है।

धामी ने कहा कि यह समझौता राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाएगा और पर्यटन, रोजगार सृजन तथा पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा प्रदान करेगा। इन परियोजनाओं से रोपवे संपर्क का विस्तार होने और पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद है।

इस समझौते पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा और राज्य के पर्यटन, धार्मिक मामलों और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। टम्टा ने कहा कि राज्य में रोपवे विकास के लिहाज से यह एक महत्वपूर्ण दिन है।

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