नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय को बहुविषयक शिक्षा और अनुसंधान के रूप में 100 करोड़ का अनुदान मिलाई है। विवि का दावा है कि उत्तराखंड से मात्र कुमाऊं विश्वविद्यालय को यह अनुदान दिया गया है।
अनुदान राशि से आपदा प्रबंधन, शहरी विकास केंद्र, व्यावसायिक विकास और उद्यमिता केंद्र जैसी नौ नई फैकल्टी स्थापित की जाएंगी।
बहुविषयक शिक्षा और अनुसंधान विश्वविद्यालय (मेरु) सार्वजनिक विश्वविद्यालयों का एक उन्नत मॉडल स्थापित करने का प्रयास करती है। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीएस रावत ने बताया कि बहुविषयक शिक्षा और अनुसंधान विश्वविद्यालय के तहत बहु-विषयक शिक्षा और अनुसंधान के लिए विभिन्न विश्वविद्यालय से आवेदन मांगे थे।
इसमें से 35 राज्य विश्वविद्यालयों का चयन हुआ है और प्रत्येक को 100 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। कुलपति प्रो. डीएस रावत ने इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी है। कहा कि अनुदान राशि मिलने के बाद विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के प्रयास किए जाएंगे।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. महेंद्र राणा ने बताया नौ नए संकाय स्थापित किए जाएंगे जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।
कुमाऊं विवि में खुलेंगी नौ नई फैकल्टी
– सतत शहरी विकास केंद्र
– व्यावसायिक विकास और उद्यमिता केंद्र
– गैर पारंपरिक ऊर्जा अध्ययन केंद्र
– आपदा प्रबंधन केंद्र
– एडवांस कंप्यूटिंग केंद्र
– हिमालयी औषधीय पौधे और कल्याण जीवन शैली में उत्कृष्टता केंद्र
– विधि एवं शिक्षा संकाय
– बायोमेडिकल साइंसेज और नैनो टेक्नोलॉजी संकाय
– केंद्रीकृत इंस्ट्रुमेंटेशन सुविधा





