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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने देश की प्रसिद्ध पार्श्वगायिका आशा भोंसले के निधन (12 अप्रैल 2026) पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। कूटा ने अपने शोक संदेश में कहा कि आशा जी का निधन भारतीय संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

कूटा ने बताया कि आशा भोंसले ने अपने लंबे करियर में फिल्मी और गैर-फिल्मी मिलाकर लगभग 15-16 हजार गीत गाए, जिनकी लोकप्रियता देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में फैली हुई है। हिंदी के अलावा उन्होंने मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी, भोजपुरी, तमिल, मलयालम, अंग्रेजी और रूसी भाषाओं में भी अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा। उन्होंने अपने गायन करियर की शुरुआत वर्ष 1948 में फिल्म चुनरिया के गीत “सावन आया” से की थी।

भारतीय सिनेमा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2000 में दादा साहेब फाल्के अवार्ड तथा वर्ष 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

इसके साथ ही कूटा ने प्रमोद अग्रवाल ‘गोल्डी’ की माताजी नर्मदा देवी के निधन पर भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी।

कूटा की ओर से डॉ. ललित तिवारी, डॉ. नीलू, डॉ. दीपक, डॉ. युगल, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. कुबेर गिनती, डॉ. शिवांगी, डॉ. अनिल बिष्ट, डॉ. दीपिका गोस्वामी, डॉ. अशोक कुमार सहित एलुमनी सेल के डॉ. बी.एस. कालाकोटी, डॉ. जी.सी. जोशी, डॉ. एस.एस. सामंत, ज्योति कांडपाल, डॉ. मीना पांडे और डॉ. रितेश साह ने शोक व्यक्त किया।

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