विजिलेंस की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दरोगा रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार, बिजली चोरी केस निपटाने के बदले मांगे थे 15 हजार
भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हल्द्वानी विजिलेंस टीम ने दिनेशपुर थाने में तैनात एक दरोगा को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर बिजली चोरी के मुकदमे में राहत दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है। मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आरोपी दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
विजिलेंस के अनुसार, 28 जनवरी को ऊर्जा निगम की विजिलेंस टीम ने श्रीरामपुर निवासी राजेश गोलदार पुत्र निहार गोलदार के खिलाफ बिजली चोरी के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। इस प्रकरण की विवेचना दिनेशपुर थाने में तैनात दरोगा अनवर अहमद कर रहे थे। आरोप है कि विवेचना के दौरान दरोगा ने नामजद आरोपी से मुकदमे में राहत दिलाने के एवज में 15 हजार रुपये की मांग की।
शिकायत मिलने पर हल्द्वानी सतर्कता पुलिस ने मामले की गोपनीय जांच की और योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के तहत जैसे ही दरोगा अनवर अहमद ने दिनेशपुर थाने के पूछताछ कक्ष में रिश्वत की रकम ली, विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी दरोगा को अपने साथ हल्द्वानी स्थित कार्यालय ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए अजय गणपति, एसएसपी ऊधमसिंहनगर ने दरोगा अनवर अहमद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विजिलेंस टीम पूरे मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

