देहरादून। उत्तराखंड के सचिवालय में हुए घोटाले मामले के तार अब यूपी, हरियाणा, पंजाब के साथ अब दिल्ली तक जुड़ने लगे हैं। इस मामले में सचिवालय का पूर्व अधिकारी भले ही अरेस्ट हो गया हो लेकिन सवाल अब सचिवालय की कार्यप्रणाली पर उठने लगे हैं।
यहां सचिवालय के अंदर बैठकर कारोबारियों से करोड़ों की ठगी की गई है. अलग-अलग राज्यों से आए कारोबारी थानों के चक्कर काट रहे हैं और बता रहे हैं कि उनके साथ ठगी हुई है और वे लाखों रुपए लुटा चुके हैं. हालांकि एसएसपी देहरादून अजय सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देश हैं, इस तरह के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
उत्तराखंड सचिवालय से जुड़े फर्जी दस्तावेज दिखाकर और टेंडर दिलवाने के नाम पर कई राज्यों के बड़े कारोबारियों से ठगी का मामला सामने आया है। दिल्ली से आए कारोबारी मानिक खुल्लर का कहना है कि वह मेडिकल फर्म का मालिक है और उसने सचिवालय के अंदर बैठे अफसर से मुलाकात की थी. उसे टेंडर देने का भरोसा दिया गया था।
उसने बताया कि सरकारी अफसर, उनके रिश्तेदार और दलालों का बहुत बड़ा गिरोह पूरी तैयारी के साथ यह फर्जीवाड़ा कर रहा था. सब आपस में मिले हुए थे. उसने कहा कि सचिवालय के अंदर अफसर से बात करने पर उसे भरोसा हो गया था; तो उसने लाखों रुपए दे दिए थे।
सचिवालय के अंदर हुई थी मुलाकात, दस्तावेज सब असली जैसे थे
ठगी का शिकार हुए कारोबारी मानिक खुल्लर ने बताया कि दस्तावेज पूरी तरह असली जैसे थे. इन्हें इमरजेंसी परचेस बताते हुए इंविटेशन टेंडर के जरिए खरीदी होना बताया गया था। ये दस्तावेज सचिवालय परिसर के अन्दर ही बने हैं और इनको तैयार करने वाला और कोई नहीं सचिवालय में पूर्व मुख्य मंत्री के साथ मुख्य सचिव का पूर्व पीएस पीसी उपाध्याय ही था।
कई मेडिकल फर्मो से करोड़ों की ठगी, 8 मुकदमे दर्ज
इन फर्जी दस्तावेजों से कई मेडिकल फर्मो से करोड़ों की ठगी की है. पीसी उपाध्याय ने अपने सहियोगियों से मिलकर मेडिकल फर्मो को फर्जी टेंडर देने के नाम पर करीब 20 करोड़ से ज्यादा की ठगी की है. अभी तक पीसी उपाध्याय और उनके सहयोगियों के खिलाफ 8 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए हैं और कुछ और लोग इन पर ठगी का मुकदमा दर्ज करने जा रहे हैं।
गैंगस्टर एक्ट में होगी कार्रवाई, चल-अचल संपत्ति होगी अटैच
ये पहला मामला नहीं है जब उत्तराखंड का सचिवालय सुर्ख़ियों में रहा हो. इस से पहले भी सचिवालय में नौकरी के नाम पर कई लोगों से ठगी हो चुकी है. अब फर्जी टेंडर का ये बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।
वहीं मामले में एसएसपी देहरादून अजय सिंह का कहना है कि सभी आरोपियों को अरेस्ट किया जा चुका है और सभी के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज कर सभी की चल-अचल सम्पति को अटैच किया जाएगा।














