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भीमताल के चाफी में परीताल में डूबे सैन्य कर्मी का अभी तक जहां शव बरामद नहीं हुआ है वही कल कल हैड़ाखान के भूड़िया में गोला नदी में नहाते समय एक किशोर की डूब कर मौत हो गई।

जहां भीमताल के परीताल गधेरे सैन्य कर्मी को खजने में एनडीआरएफ एसडीआरएफ व पुलिस टीमों ने दिनरात एक यह किया है उसके बावजूद भी सैन्य कर्मी का शव बरामद नहीं हुआ है। वहीं दूसरी ओर इन घटनाओं से भी लोग सबक नहीं ले रहे हैं। 

प्रशासन की कार्यवाही के निर्देश के बाद लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं खुलेआम नदियों में नहाने चले जा रहे हैं।

भीमताल।  हैड़ाखान के तोक भुड़िया में गौला नदी में नहाते समय एक किशोर डूब गया। किशोर के डूबने की सूचना साथ गए दोस्तों ने स्थानीय लोगों को दी। ग्रामीणों ने नदी में डूबे किशोर को खोजने का काफी प्रयास किया लेकिन पानी अधिक होने से उसका पता नहीं चल पाया।

ग्राम प्रधान मुन्नी पलड़िया ने बताया कि रविवार की शाम करीब चार बजे मोहित कुमार (14) पुत्र पूरन चंद्र गौला में दोस्तों के साथ नहा रहा था। इस दौरान पानी का बहाव अधिक होने से मोहित बह गया। घटना की सूचना मिलते ही किशोर की तलाश शुरू की गई लेकिन देर शाम तक उसका कहीं पता नहीं चल सका।
उन्होंने बताया कि मोहित के साथ में गए दोस्त कभी नहाने की बात कह रहे हैं तो कहीं खेलने की। घटना की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई लेकिन देर शाम तक टीम नहीं पहुंच पाई थी।

मोहित के पिता पूरन चंद्र खेती करते हैं। मोहित का एक छोटा भाई है और एक बहन है। मोहित जूनियर हाईस्कूल में कक्षा सात पड़ता है। पटवारी जया बिष्ट ने बताया कि घटना की सूचना देर से मिली थी, राजस्व पुलिस की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है।

एसडीएम के आदेश के बाद भी नहीं सुन रहे लोग
धारी एसडीएम केएन गोस्वामी ने बीते दिनों पदमपुरी के बमेटा पुल के पास नहाते समय गधेरे में डूबे हिमांशु दफौटिया की घटना का संज्ञान लेते हुए नदी, झीलों और गधेरों में नहाने पर रोक लगाई थी।

आदेश में कहा गया है कि यदि कोई नदी, नालों, झीलों और गधेरों में नहाते हुए पकड़ा जाता है तो छह महीने की जेल तक हो सकती है लेकिन एसडीएम के आदेश के बाद भी लोग नदी में नहाना नहीं छोड़ रहे हैं।

पांच दिन बाद भी हिमांशु का नहीं लगा सुराग

भीमताल। पदमपुरी मार्ग के बमेटा गांव में बीते मंगलवार को नहाते समय गधेरे में डूबे हिमांशु दफौटिया का पांचवें दिन भी पता नहीं चल पाया। रविवार को एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो टीमों ने रेस्क्यू अभियान चलाया लेकिन सफलता नहीं मिली।

वहीं हिमांशु के नहीं मिल पाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एसडीएम केएन गोस्वामी ने बताया कि रविवार को एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो टीमें बनाई गई हैं।

एक टीम चांफी से मलुवाताल गधेरे की तरफ और दूसरी टीम बमेटा गांव से परीताल होते हुए चांफी गधेरे तक रेस्क्यू अभियान करती रही लेकिन अभी सफलता नहीं मिल पाई है।

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