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दादा की जमीन के लिए एक भतीजे का मर्डर-दूसरा गंभीर घायल, फरार हुए दोनों चाचा गिरफ्तार

 उधमसिंह नगर।  नाकसागर डैम पार ग्राम चैतुआखेड़ा में एक भतीजे की धारदार हथियार से हत्या और दूसरे को गंभीर रूप से घायल करने के आरोपी दोनों चाचा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पिता की तीन एकड़ जमीन में हिस्सा नहीं मिलने के शक में दोनों ने वारदात को अंजाम दिया।शुक्रवार की मध्य रात्रि चैतुआखेड़ा निवासी 22 वर्षीय बलविंदर सिंह, 16 वर्षीय बंटी पुत्र स्वरूप सिंह अपने परिजनों के साथ सो रहे थे।

स्वरूप के दो भाई मलकीत सिंह व मिल्खा सिंह ने घर में घुसकर धारदार हथियार से हमला कर बलविंदर सिंह की हत्या कर दी थी। जबकि बंटी को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। बंटी को सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में भर्ती कराया गया है।

रविवार को पुलिस ने नानकमत्ता थाने में हत्याकांड का खुलासा किया। सीओ सितारगंज बीएस चौहान व एसओ देवेंद्र गौरव ने बताया कि भतीजे की हत्या के आरोपी मलकीत सिंह, मिल्खा सिंह को शनिवार को देवीपुरा से गिरफ्तार कर लिया गया है।

उनके पास से घटना में प्रयुक्त रामपुरी चाकू और डंडा बरामद किया गया है। आरोपियों ने बताया कि जमीन विवाद के कारण उन्होंने घटना को अंजाम दिया है। महेंद्र सिंह के तीन बेटे स्वरूप सिंह, मलकीत सिंह, मिल्खा सिंह हैं।

महेंद्र अपने बेटे स्वरूप सिंह व उनके परिजनों के साथ रहते हैं। महेंद्र ने काबिज काश्त की 12 एकड़ जमीन में तीन-तीन एकड़ जमीन तीनों पुत्रों में बांटी। चौथा हिस्सा उनके पास है।

महेंद्र की तीन एकड़ जमीन पर स्वरूप सिंह के पुत्रों द्वारा खेती करने को दोनों भाई पचा नहीं पाए। उन्हें शक था कि पिता की तीन एकड़ जमीन में उन्हें हिस्सा नहीं मिलेगा। इसके चलते उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।

दादा की जमीन बनी पोते की हत्या का कारण

जमीन के लिए सगे भतीजे की उसके चाचाओं ने ही धारदार हथियार से हत्या कर दी। पूरे हत्याकांड की कहानी पोते की लाश लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे दादा ने बयान की। दादा ने रुंधे गले से बताया कि कैसे एक जमीन का टुकड़ा उसके पोते की मौत का कारण बना। जिस जमीन के लिए पोते की जान गई, वह जमीन भी उसके नाम पर नहीं थी।

वह जमीन सरकारी और नानकसागर बांध की है। शनिवार को दादा महेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी का निधन हो गया था। उनके तीन बेटे हैं, इसमें स्वरूप सिंह, मलकीत सिंह, मिल्खा सिंह।

स्वरूप सिह के दो बेटे बलविंदर और बंटी हैं। जबकि मलकीत के कोई संतान नहीं है और मिल्खा अविवाहित है। उनके पास नानकसागर बांध में कब्जे की 12 एकड़ जमीन है।

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