ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

उत्तराखंड विधानसभा में गैस की किल्लत पर भारी हंगामा; सुबोध उनियाल के बयान पर बिफरा विपक्ष

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण में चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान घरेलू गैस की किल्लत को लेकर शुक्रवार को सदन में जोरदार हंगामा हो गया।

इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे सदन का माहौल काफी गरमा गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

हंगामे की शुरुआत उस समय हुई जब संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने गैस संकट पर चर्चा की मांग को खारिज करते हुए कहा कि गैस सप्लाई का पूरा तंत्र केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने कहा कि “गैस सप्लाई केंद्र का विषय है, इसलिए उत्तराखंड विधानसभा में इस पर चर्चा करना बेतुका है।” मंत्री के ‘बेतुका’ शब्द के इस्तेमाल से विपक्ष भड़क गया और सदन में जोरदार विरोध शुरू हो गया।

कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के विधायकों ने सरकार पर जनता की समस्याओं से मुंह मोड़ने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के कई जिलों में गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत है। लोगों को बुकिंग के कई दिन बाद भी गैस नहीं मिल रही, जबकि कई जगहों पर कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। विपक्ष का तर्क था कि जब प्रदेश की जनता परेशान है तो सरकार ‘केंद्र का मामला’ बताकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।

सदन के भीतर नारेबाजी और शोर-शराबा बढ़ने से कार्यवाही चलाना मुश्किल हो गया, जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष को सत्र कुछ देर के लिए स्थगित करना पड़ा। इस दौरान सदन के गलियारों में भी सरकार और विपक्ष के बीच तीखी जुबानी जंग जारी रही।

बाद में सत्र दोबारा शुरू होने पर विपक्ष के कड़े रुख और मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए सरकार को नरम रुख अपनाना पड़ा। अंततः विधानसभा अध्यक्ष ने नियम 58 के तहत इस मुद्दे पर सदन में चर्चा की मंजूरी दे दी, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

यह भी पढ़ें :  महंगाई का झटका: घरेलू गैस सिलेंडर और कमर्शियल सिलेंडर हुआ महंगा

You missed

error: Content is protected !!