उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह फैसला लिया है।
पूर्व में जारी अधिसूचना के तहत 25 जून यानि कल से नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी थी। ऐसे में पंचायत चुनाव को लेकर तमाम जद्दोजहद के बीच चुनाव हो पाएगा या नहीं? इसको लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई थी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने नोटिफिकेशन जारी कर चुनाव की तिथियां घोषित कर दी थी, लेकिन आरक्षण व्यवस्था से संबंधित नियमावली की अधिसूचना यानी गजट नोटिफिकेशन जारी किए बिना ही चुनाव की घोषणा करने पर हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर ही रोक लगा दी थी।
आज मंगलवार को हाईकोर्ट के आदेश के बाद निर्वाचन आयोग ने अपना फैसला लिया।हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में आयोग ने अधिसूचना को स्थगित कर दिया है।
हाईकोर्ट में क्या हुआ
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर लगी रोक को हटाने के सम्बंध में मंगलवार को राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष आज ही केस मेंशन कर सुनवाई करने का अनुरोध किया। याचिका मेंशन करते वक्त सरकार की तरफ कहा गया कि 9 जून को सरकार ने जो नियमावली बनाई थी, उसका गजट नोटिफिकेशन 14 जून को हो गया था। लेकिन “कम्युनिकेशन गैप” के कारण गजट नोटिफिकेशन को हाईकोर्ट के समक्ष सुनवाई के वक्त प्रस्तुत नहीं किया जा सका था।
इस पर कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इसमें क्या जल्दी है। पिछले एक साल से अधिक समय बीत चुका है, चुनाव नहीं कराए। कोर्ट ने इससे पहले कई बार चुनाव कराने के आदेश दिए थे। उसके बाद भी चुनाव नहीं कराए। अब इसमें क्या जल्दी है।
पंचायत चुनाव फिर होगी सुनवाई
आज सरकार की ओर से यह नोटिफिकेशन हाईकोर्ट के समक्ष पेश कर दिया गया है। नोटिफिकेशन पेश होने के बाद मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने पंचायत चुनाव सम्बन्धी सभी याचिकाओं की सुनवाई हेतु 25 जून बुधवार अपरान्ह 2 बजे का समय निर्धारित किया है।
तब तक कोर्ट ने लगी रोक को बरकरार रखा है। इस मामले में मंगलवार को दीपिका किरौला और अन्य की याचिकाएं भी सुनवाई को लगी थी। हाईकोर्ट ने इन सभी की एक साथ सुनवाई का निर्णय लिया है।





