हल्द्वानी। आज सुबह 5:00 बजे से मुखानी चौराह हल्द्वानी से दमवादूंगा पंचक्की चौराह तक प्रभात फेरी की। प्रभात फेरी के बाद एक सभा की।
सभा में वक्तव्य रखते हुएं पछास से चन्दन ने कहा कि वर्ष 2025 में काकोरी ट्रेन एक्शन की घटना को 100 साल पूरे हो रहे हैं। चंद वीर क्रांतिकारियों ने देश को बराबरी पर आधारित समाज बनाने और इसके लिए ब्रिटिश शासकों से आजादी हासिल करने के लिए इस घटना को अंजाम दिया।
9 अगस्त 1925 को घटी इस घटना ने लुटेरे ब्रिटिश साम्राज्यवादियों को झकझोर कर रख दिया। यह उनके ताबूत की आखिरी कीलों में से एक कील थी। इन वीर क्रांतिकारियों के महान कामों से इतिहास भरा पड़ा है।
कार्लोस के टी.आर.पांडे ने कहा कि आजाद भारत में आज भी देश के सामने वह सवाल मुंह बाएं खड़े हैं। क्या देश में सबके लिए असल में बराबरी है? शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास आदि जैसे ठोस सवालों पर बात करते ही इसकी सच्चाई सामने आ जाती है।
हद तो यह है कि आज भी सरकार जाति-धर्म के नाम पर ‘फुट डालो औऱ राज करो’ कि तर्ज पर चल रही है। बड़े देशी-विदेशी पूंजीपति आज भी देश की मेहनतकश जनता को लूट रहे हैं।
इन शहीदों के सपनों का भारत बनाने और इन शहीदों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत मौजूद है। इसलिए उन शहीदों की याद में प्रभात फेरी की।
प्रभात फेरी में क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन से मोहन मटियाली,शेखर , रियासत, टी आर पांडे, रहीस , अशोक कुमार, परिवर्तनकामी छात्र संगठन से महेश, उमेश पांडे,हेमा,चन्दन आदि ने भागीदारी की।
सभा के अंत में अशफाक, बिस्मिल का प्रसंप्रभात फेरीदिदा गीत ”सरफरोसी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,, गया।संक्षिप्त सभा का संचालन मोहन मटियाली ने किया।
