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नैनीताल। रामगढ़ ब्लॉग के सुयालबाड़ी क्षेत्र में आदर्श रामलीला कमेटी बिचखाली के तृतीय दिवस के अवसर पर जिसमें कमेटी,व राम भक्त नीरज सुयाल जी बताते है कि 81वर्षों से रामलीला आयोजित किया जा रहा है।

राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के लिए स्वयंवर का आयोजन किया था। उन्होंने घोषणा की थी कि जो कोई भी भगवान शिव के धनुष को तोड़ने में सफल होगा, उसे सीता के साथ विवाह करने का अवसर मिलेगा।

कई राजाओं और राजकुमारों ने इस स्वयंवर में भाग लिया, लेकिन कोई भी भगवान शिव के धनुष को तोड़ने में सफल नहीं हुआ।

जब भगवान राम और उनके भाई लक्ष्मण ऋषि विश्वामित्र के साथ मिथिला पहुंचे, तो उन्होंने भी स्वयंवर में भाग लेने का निर्णय किया।

भगवान राम ने जब भगवान शिव के धनुष को उठाया और उसे तोड़ दिया, तो सभी ने उनकी प्रशंसा की। राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता का विवाह भगवान राम के साथ कर दिया।

यहां के आस पास राम भक्तों की उमड़ी भीड़ बिचखाली,सिमराढ़, मयेली,टिकुरी,बांज पाथरी, रौलखेद, बड़ी बांज,सुयालगाड़ तरैना,पोखरी,घ्वेती,बज्यूठिया,जाजर,किलौर, देवद्वार बढे़त आदि रामलीला का आनंद लिया।

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