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उत्तराखंड:  सिलक्यारा सुरंग हादसे में राहत बचाव का कार्य नए सिरे से शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सुरंग में ऊपर से ड्रिलिंग करने के लिए एक ही दिन में पहाड़ी की चोटी तक सड़क बनाली गई है।

41 श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए पांच विकल्पों पर एक साथ काम किया जाएगा। इन विकल्पों को पूरा करनेके लिए पांच अलग-अलग एजेंसियां तय कीगई हैं। सिलक्यारा में शुक्रवार दोपहर दो बजेसे ड्रिलिंग का काम बंद कर दिया गया था जो रविवार शाम चार बजे यानी 50 घंटे बाद फिर से शुरू हो गया है। इस रिपोर्ट में जानें

राहत और बचाव कार्य का ताजा अपडेट…

पांच एजेंसियों ने संभाला मोर्चा अधिकारियों ने बताया कि एक ही दिन में पहाड़ की चोटी तक सड़क बना ली गई है। हालांकि सुरंग में बचाव का काम रविवार को लगभग रुका रहा।

समाचार एजेंसी यूनिवार्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार शाम चार बजे से ड्रिलिंग कार्य शुरू हो गया है। पांच एजेंसियों ने राहत और बचाव कार्य में मोर्चा संभाल लिया है। एजेंसियों ने बचाव अभियान के अगले चरण के लिए खुद को तैयार कर लिया है। ये एजेंसियां पांच विकल्पों पर एक साथ काम करेंगी ताकि जल्द से जल्द टनल में फंसे मजदूरों को निकाला जा सके।

जल्द मिल सकती है खुशखबरी

इसके बाद शुकवार को बचाव अभियान की पुनः समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्माणाधीन सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों तक पहुंचने के लिए कई वैकल्पिक योजनाएं बनाईं।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मौके पर बचाव कार्यों की समीक्षा करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अमेरिकी ऑगर मशीन से मलबे में क्षैतिज ड्रिलिंग करना सुरंग में फंसे श्रमिकों तक सबसे जल्दी पहुंचने का तरीका है। उन्होंने ढाई दिन में सफलता मिलने की उम्मीद जताई।

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