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 द्वाराहाट ब्लाक मुख्यालय में धरने पर बैठे राज्य आंदोलनकारी।

मनरेगा कर्मी को बर्खास्त करने की मांग पर।

रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत 

रानीखेत/द्वाराहाट।  विकासखंड द्वाराहाट के मुख्यालय में राज्य आंदोलनकारी मनरेगा कर्मी को बर्खास्त करने की मांग पर धरने पर बैठे हुए हैं। राज्य आंदोलनकारियों का कहना है कि मनरेगा कर्मी नारायण रावत द्वारा मनरेगा कार्यों में घोटाला किया जा रहा है।

जिसकी अविलंब जांच की जाए और तत्काल प्रभाव से मनरेगा कर्मी को बर्खास्त किया जाए। वहीं दूसरी ओर मनरेगा कर्मचारी नारायण रावत का कहना है कि राज्य आंदोलनकारी मेरे गांव के है और मुझसे और मेरे परिवार से व्यक्तिगत रंजिश रखते हैं। जो मुझे बार बार मानसिक, सामाजिक, रूप से प्रताड़ित करने का काम कर रहे हैं। इनसे मुझे अपनी जान का भी खतरा है।

बता दें कि यही राज्य आंदोलनकारियों द्वारा पूर्व में भी मनरेगा कर्मचारी नारायण रावत के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया गया था। जिस कारण मनरेगा कर्मी को कार्य से हटा दिया गया था। मगर मनरेगा कर्मी की न्यायालय के माध्यम से पुनः बहाली की गई।

वर्तमान मे मनरेगा कर्मी पर मनरेगा कार्यों में अपने परिवार के सदस्यों को विभिन्न ग्राम पंचायतों में मनरेगा का कार्य कराकर भुगतान कराया जाना इस बात को प्रमाणित करता हैं कि नारायण रावत द्वारा घोटाला किया जा रहा है।

जिसकी जांच की मांग की जा रही है। वहीं मनरेगा कर्मी राज्य आंदोलनकारियों पर आरोप लगाकर कहता है कि राज्य से पेंशन लेकर विपिन त्रिपाठी कुमाऊँ इंजीनियरिंग कॉलेज में नौकरी और मनरेगा कार्यों में मजदूरी कैसे की जा सकती है। इसकी भी जांच हो।

वहीं प्रशासन जांच टीम गठित कर जांच के बाद कोई फैसला लेने की बात कहता है। राज्य आंदोलनकारियों का कहना है अगर मनरेगा कर्मी की बर्खास्तगी नहीं हुई तो आंदोलन उग्र होगा विकास खंड मुख्यालय में तालाबंदी कर आमरण अनशन किया ज्याएगा।

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