सीजेआई चंद्रचूड़ की बेंच ने सुनाया अहम फैसला
सरकारी नौकरी पानी के लिए लोग सालों तक मेहनत करते हैं। ताकि अच्छी सैलरी और सुविधा मिले। इसके साथ ही कई सालों तक नौकरी करने के बाद प्रमोशन मिलता है। अगर आप भी सरकारी कर्मचारी हैं तो ये खबर आपके काम की है।
दरअसल, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरी में प्रमोशन को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले से कर्मचारियों को तगड़ा झटका लगा है। आइए नीचे खबर में जानते हैं –
भारत में सरकारी नौकरी का काफी क्रेज है. उससे भी ज्यादा गवर्नमेंट जॉब में प्रमोशन पाने के अधिकार का भी है. सुप्रीम कोर्ट ने गवर्नमेंट जॉब में प्रमोशन के अधिकार को लेकर बड़ा और ऐतिहासिक फैसला दिया है. CJI डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ सरकारी नौकरी में प्रमोशन से जड़े एक मामले की सुनवाई के बाद बड़ा फैसला दिया है।
शीर्ष अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि नौकरी में प्रमोशन संवैधानिक अधिकार नहीं है. संविधान में इसके लिए किसी तरह के क्राइटेरिया का उल्लेख नहीं किया गया है, ऐसे में सरकारी कर्मचारी नौकरी में प्रमोशन का दावा नहीं कर सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि प्रमोशन को लेकर कार्यपालिका (केंद्र के मामले में संसद और राज्यों के मामले में विधानसभा) नियम कायदे बना सकती है।
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुजरात में जिला जज के सेलेक्शन से जुड़े एक मामले को निपटाते हुए सरकारी नौकरी में प्रमोशन के अधिकार पर महत्वपूर्ण फैसला दिया. इससे लाखों-करोड़ों सरकारी कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को किस आधार पर प्रमोशन दिया जाए, इसको लेकर हमारा संविधान साइलेंट है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में आगे कहा कि विधायिका और कार्यपालिका प्रमोशनल पोस्ट की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसको लेकर नियम बनाने के लिए स्वतंत्र है. सीजेआई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा, ‘भारत में सरकारी कर्मचारी को प्रमोशन को अधिकार के तौर पर जताने का अधिकार नहीं है. संविधान प्रमोशनल पोस्ट को भरने के लिए क्राइटेरिया का उल्लेख नहीं करता है।














