उत्तराखंड में बिजली बिलों में बड़ा बदलाव होने वाला है। ऐसे में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हिंदी की बजाय अंग्रेजी में ही बिल भेजे जाने पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) ने यूपीसीएल को उपभोक्ता का अधिकार याद दिलाया।
कहा गया कि उपभोक्ताओं को अपने बिल का विवरण जानने का पूरा हक है। इसलिए हिंदी में ही बिल बनाकर भेजे जाएं। दरअसल, ऊर्जा मंत्रालय ने इसी साल 22 फरवरी को अधिसूचना जारी की थी, जो उपभोक्ताओं के अधिकार से जुड़ी थी।
इसमें आसानी से समझ में आने वाले बिल और बिलों को स्थानीय भाषा में जारी करने जैसे निर्देश भी शामिल थे। ऊर्जा मंत्रालय ने सभी नियामक आयोगों के साथ 18 मार्च को बैठक करके इन निर्देशों को 31 मार्च तक लागू करने को कहा था।
इधर, यूईआरसी के निदेशक-तकनीकी प्रभात ध्यानी के अनुसार, हमने यूपीसीएल को 27 मार्च को ही बिजली बिल स्थानीय भाषा में सरल तरीके से जारी करने के स्पष्ट निर्देश दे दिए थे। लेकिन, अनेक उपभोक्ताओं ने अंग्रेजी में ही बिल भेजे जाने की शिकायत की। उन्होंने खराब प्रिंटिंग से लेकर बिल का ब्योरा आसानी से समझ में नहीं आने की बात भी रखी।
आयोग का भी मानना है कि बिल का पूरा ब्योरा जानना हर उपभोक्ता का अधिकार है। इसको लेकर यूपीसीएल को दोबारा पत्र भेजा गया है। उधर, सामाजिक कार्यकर्ता बीरु बिष्ट ने आयोग से शिकायत की है कि उसके स्पष्ट निर्देशों के बावजूद यूपीसीएल ने अप्रैल-मई के बिल अंग्रेजी में ही भेजे।





