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नैनीताल में तल्लीताल क्षेत्र में केंट अधिकारियों और व्यापारियों के बीच दुकान क़ो लेकर हुआ हंगामा 

रिपोर्टर – गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल। कैन्टोनमेंट बोर्ड प्रबंधन और व्यापारियों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान व्यापारियों और कैंट के अधिकारियों के बीच जमकर नोक झोंक भी हुई। हंगामा बढ़ता देख कैंट प्रबंधन ने पुलिस को मौके पर बुलाया जिसके बाद मामला शांत हो सका।

आपको बता दें कि यह विवाद दुकानों का किराया वसूलने और कैंट के नियमों का पालन न किए जाने को लेकर हुआ। कैन्टोनमेंट बोर्ड प्रबंधन और व्यापारियों के बीच जब विवाद बड़ा तो व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

कैंट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे व्यापारी पूरन मेहरा ने बताया की कैंट प्रबंधन ने उनकी दुकानों के आगे शनिवार शाम 3 बजे नोटिस चस्पा कर कैंट के नियमों का पालन न होने के चलते निरीक्षण की बात कही लेकिन नोटिस लगने के कुछ देर बाद कैंट के अधिकारी अपनी टीम के साथ पहुंचे और दुकानों के बाहर रखे समान को जब्त करने लगे। इसके बाद विरोध करने पर कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्रता भी की।

वही कैन्टोनमेंट क्षेत्र में 1980 से दुकान चला रहे अशोक कुमार का कहना है व्यापारियों और कैन्टोनमेंट बोर्ड का 2008 से किराए दारी और दुकानों के मालिकाना हक को लेकर हाईकोर्ट में विवाद चल रहा है। कई बार दुकानदार कैंट प्रबंधन के पास दुकानों का किराया जमा करने गए लेकिन अधिकारियों ने किराया जमा करने से मना कर दिया।
वही इस मामले में कैन्टोनमेंट बोर्ड नैनीताल के सीईओ वरूण कुमार का कहना है कि कैन्टोनमेंट बोर्ड की परिसंपत्ति और दुकानों का निरीक्षण किए जाने को लेकर नोटिस चस्पा किए गए थे। कैंट की दुकानों का व्यापारियों ने लंबे समय से किराया जमा नहीं किया गया है।

कई दुकानों में नियमों को ताक पर रख कर अवैध रूप से पानी के कनेक्शन लिए गए है इसके अलावा दुकानो में अग्निशमन यंत्र भी नहीं लगाए गए है। इतना ही नहीं कई दुकानदार बाल मजदूरी तक करवा रहे है। जिसके निरीक्षण को लेकर कार्यवाही करी जा रही थी। जिसका व्यापारियों ने विरोध किया है।

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