भाजपा नेता एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान पर हुए हमले और गोलीकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजयुमो के प्रदेश मंत्री तरुण चौहान समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को सहारनपुर से दबोचा और कड़ी सुरक्षा के बीच हरिद्वार लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार 28 जनवरी को कनखल क्षेत्र के पंजनहेड़ी गांव में जमीन विवाद को लेकर भाजपा के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान पर हमला किया गया, जबकि उनके भाई सतीश चौहान को गोली लग गई थी।
मामले में पुलिस ने अतुल चौहान, तरुण चौहान पुत्र दीपक, गौरव चौहान पुत्र प्रदीप और अभिषेक चौहान उर्फ सिम्मी पुत्र सुखवीर सिंह निवासी नरूपुर पंजनहेड़ी कनखल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
घटना के दिन ही अतुल चौहान ने कनखल थाने में आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि अन्य तीन आरोपी फरार चल रहे थे। तरुण चौहान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका भी दाखिल की थी, लेकिन दो दिन पहले अदालत ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सहारनपुर में दबिश देकर तरुण चौहान, गौरव चौहान और अभिषेक उर्फ सिम्मी को गिरफ्तार कर लिया।
तरुण चौहान की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही उनके समर्थक कनखल थाने में जुट गए। कुछ महिलाओं ने थाने परिसर में धरना देकर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और पुलिस पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
प्रदर्शन में सुधांशी चौहान, शकुंतला, रोहिणी और तरुणा चौहान समेत कई महिलाएं शामिल रहीं। स्थिति को देखते हुए थाने परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
महिला प्रदर्शनकारियों ने एसएसआई सतेंद्र भंडारी और चौकी प्रभारी सुधांशु कौशिक के खिलाफ भी नारेबाजी करते हुए कहा कि पुलिस दबाव में काम कर रही है। उनका आरोप है कि तरुण चौहान ने क्षेत्र में हो रही अवैध प्लाटिंग का विरोध किया था, जिसकी वजह से उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
वहीं जेल ले जाते समय मीडिया से बातचीत में तरुण चौहान ने एक पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक पर कार्रवाई करवाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीनों पर खेती की जगह प्लाटिंग की जा रही है और पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है।
इधर इस मामले में एक और सवाल खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस कई दिनों से आरोपियों की तलाश कर रही थी, लेकिन सोमवार सुबह जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान के पास आरोपियों की लोकेशन पहुंची, जिसके बाद पुलिस टीम ने सहारनपुर में दबिश देकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
धरना दे रही महिलाओं को शांत कराने के लिए सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी मौके पर पहुंचे और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। करीब दो घंटे तक चले धरने के बाद उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से मुकदमे दर्ज किए गए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच की मॉनिटरिंग वह स्वयं करेंगे।





