देहरादून। ऑपरेशन क्रैकडाउन के तहत रायपुर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सत्यापन अभियान के दौरान साईं कॉम्पलेक्स के तीसरे तल पर स्थित एक फ्लैट में तीन विदेशी महिलाएं संदिग्ध परिस्थितियों में निवास करती हुई पाई गईं। पुलिस द्वारा भारत में रहने के वैध दस्तावेज मांगे जाने पर वे कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकीं, जिसके बाद तीनों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया।
एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि पूछताछ में महिलाओं ने अपनी पहचान इरीका (29 वर्ष), निवासी किर्गिस्तान, करीना (30 वर्ष) और निगोरा नीम (32 वर्ष), दोनों निवासी उज्बेकिस्तान के रूप में बताई।
तलाशी के दौरान पुलिस को उनके पास से एक पासपोर्ट, तीन आधार कार्ड, दो पैन कार्ड और विदेशी मुद्राएं बरामद हुईं। जांच में सामने आया कि तीनों महिलाएं फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से भारत में रह रही थीं। इस पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में इरीका ने बताया कि वह वर्ष 2023 में एक साल के वीजा पर भारत आई थी, लेकिन वीजा समाप्त होने के बाद भी वापस नहीं लौटी और अवैध रूप से यहीं रह रही थी। वहीं करीना और निगोरा ने बताया कि वे वर्ष 2022 और 2023 में नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थीं और दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों पर रह चुकी हैं।
तीनों की आपस में मुलाकात दिल्ली में हुई थी, जहां उन्होंने एक परिचित के माध्यम से अपने नाम से फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवाए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि निगोरा को पहले बिहार पुलिस द्वारा इसी तरह के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, लेकिन जमानत पर छूटने के बाद भी वह देश नहीं लौटी।
महिलाओं ने पिछले छह से सात महीनों से देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर रहने की बात कबूली है। साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में मदद करने वाले लोगों की जानकारी भी पुलिस को मिली है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

