नैनीताल में माँ नयना देवी के सस्थापक व्यापार मंडल अध्यक्ष पुनीत टंडन ने कहा पुलिस प्रशासन के द्वारा व्यापारियों पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
रिपोर्टर: गुडडू सिंह ठठोला
नैनीताल। नैनीताल में देर रात व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जबरन बंद कराने को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मां नयना देवी संस्थापक व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बीते लगभग दो सप्ताह से पुलिस द्वारा शहर के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को रात 11 बजे के बाद जबरन बंद कराया जा रहा है, जिससे व्यापारियों के साथ-साथ देर रात पहुंचने वाले पर्यटकों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि नैनीताल एक प्रमुख पर्यटन नगरी है, जहां देर रात आने वाले पर्यटकों को भोजन, बच्चों के लिए दूध और अन्य जरूरी वस्तुओं की जरूरत होती है। ऐसे में दुकानों के बंद होने से पर्यटकों को भी असुविधा हो रही है।
पुनीत टंडन ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर मेडिकल स्टोर तक बंद कराए जा रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापार मंडल को कोई लिखित आदेश या आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है और न ही इस विषय में व्यापारियों या अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ कोई चर्चा की गई है।
उन्होंने कहा कि यदि कानून-व्यवस्था की किसी विशेष परिस्थिति के चलते कुछ समय के लिए ऐसा किया गया है तो इसकी लिखित जानकारी और समय-सीमा संबंधित अधिकृत अधिकारी द्वारा व्यापारिक संगठनों को दी जानी चाहिए। बिना किसी स्पष्ट आदेश के इस प्रकार की कार्रवाई से व्यापारियों में असंतोष की स्थिति बन रही है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उत्तराखंड शासन द्वारा 17 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार व्यापारिक प्रतिष्ठानों को चलाने का अधिकार व्यापारियों को प्राप्त है और बिना उचित कारण के इस प्रकार से दुकानों को बंद कराना व्यापारियों के मौलिक अधिकारों के विरुद्ध है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया कि बिना लिखित आदेश के दुकानों को बंद कराने की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए।
अन्यथा की स्थिति में व्यापारी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन और धरना देने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।





