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हल्द्वानी। उत्तराखंड में पेपर लीक प्रकरण को लेकर गठित जांच आयोग की दो दिवसीय लोक सुनवाई का आगाज आज से हल्द्वानी में हो गया।

सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी की अध्यक्षता में गठित एकल सदस्यीय आयोग ने काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में जन संवाद के तहत पहली सुनवाई की।

इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और अध्यापकों ने आयोग के समक्ष अपने विचार और सुझाव रखे। प्रतिभागियों ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त निगरानी तंत्र विकसित करने और दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की।

लोक सुनवाई के दौरान छात्रों ने अपनी तैयारी और मेहनत पर पानी फिरने की पीड़ा साझा की।

वहीं अभिभावकों ने शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया अध्यापकों ने भी आयोग को परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाने संबंधी सुझाव दिए न्यायमूर्ति ध्यानी ने कहा कि लोक सुनवाई का उद्देश्य जनता की राय को सीधे तौर पर दर्ज करना है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि सुनवाई के दौरान प्राप्त सभी सुझाव और आपत्तियां सरकार तक पहुंचाई जाएंगी दो दिवसीय कार्यक्रम का यह पहला दिन पूरी तरह से संवाद और सहभागिता पर केंद्रित रहा शनिवार को भी जनसुनवाई जारी रहेगी।

जिसमें और अधिक छात्रों, अभिभावकों और आमजन से विचार आमंत्रित किए जाएंगे हल्द्वानी में आयोग की यह पहल युवाओं की आवाज को सीधे तौर पर सरकार तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रही है।

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