यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की मेरिट लिस्ट में रैंक को लेकर एक नया विवाद सामने आया है।
बुलंदशहर की शिखा और गाजीपुर की आकांक्षा के रैंक विवाद के बाद अब उत्तराखंड और केरल में भी एक ही रैंक को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
दोनों राज्यों की दो युवतियों ने ऑल इंडिया रैंक 708 पर अपना-अपना दावा किया है, जिससे मामला चर्चा का विषय बन गया है।
उत्तराखंड के रुड़की के पिरान कलियर क्षेत्र की रहने वाली फैरूज फातिमा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में एआईआर 708 रैंक हासिल करने का दावा किया है। जैसे ही मेरिट लिस्ट में उनका नाम आने की खबर क्षेत्र में पहुंची, परिवार और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।
बताया जाता है कि ट्रक ड्राइवर की बेटी फैरूज फातिमा की सफलता पर इलाके में जश्न मनाया गया और रात में रोड शो भी निकाला गया।
वहीं दूसरी ओर केरल से भी फैरूज फातिमा एम नाम की युवती ने भी एआईआर 708 पर अपनी सफलता का दावा किया है। केरल की जिस कोचिंग संस्था से उन्होंने तैयारी की थी, वहां से भी सोशल मीडिया पर पोस्ट और पोस्टर जारी कर उन्हें इसी रैंक पर सफल बताया गया है।
दोनों अभ्यर्थियों का नाम एक जैसा होने और एक ही रैंक पर दावा किए जाने के कारण सोशल मीडिया से लेकर दोनों राज्यों के परिवारों और परिचितों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
हालांकि उत्तराखंड की फैरूज फातिमा का कहना है कि यूपीएससी की ओर से 15 से 20 दिनों के भीतर मार्कशीट जारी की जाएगी, जिसके बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
फिलहाल दोनों ही राज्यों में परिवारों और समर्थकों की ओर से बधाइयों का दौर जारी है, लेकिन इस पूरे मामले में अंतिम स्थिति साफ होने के लिए सबकी निगाहें Union Public Service Commission की ओर से जारी की जाने वाली आधिकारिक मार्कशीट पर टिकी हुई हैं।





