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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के पेपर लीक कांड के बाद आयोग ने पांच अक्टूबर को होने वाली सहकारी निरीक्षक वर्ग-टू सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) की परीक्षा स्थगित कर दी है।
आयोग के अनुसार, सुरक्षा इंतजामों के अभाव यह निर्णय लिया गया है।

आयोग सचिव डॉ. शिव बरनवाल ने बताया कि परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों के फीडबैक के आधार पर परीक्षा स्थगित की गई है। सचिव का कहना है कि फिलहाल जो घटनाक्रम घटा है, उस हिसाब से सुरक्षा तैयारियां पूरी नहीं हो पाई हैं।

इसके अलावा अभ्यर्थियों की ओर से भी इस संबंध में अनुरोध किया गया था। परीक्षा की अगली तिथि के बारे में अलग से सूचित किया जाएगा।

राज्य के सरकारी विभागों की भर्तियों में नकल माफिया पर रोक लगाने और शुचिता के लिए सरकार मजबूत निगरानी सिस्टम बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में ये ऐलान किया।
उन्होंने बताया, सरकार प्रदेशभर में ऐसी निगरानी समितियां बनाएगी। इन में संबंधित भर्ती आयोग के साथ पुलिस, प्रशासनिक के अधिकारी शामिल होंगे।

इसके साथ ही समितियों में युवाओं को भी जगह दी जाएगी। सीएम ने कहा कि इससे परीक्षाओं में पारदर्शिता-शुचिता को और बेहतर किया जा सकेगा।

पेपर लीक के मामले में यूकेएसएसएससी ने सफाई दी है। आयोग ने कहा कि 21 सितंबर को परीक्षा के दिन विवादित परीक्षा केंद्र में जैमर काम कर रहा था। परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी को परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता की वजह से बंद किया जाता है।

आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने मीडिया से कहा कि परीक्षा कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की एक्सेस एक से अधिक लोगों के पास होती है। इन कैमरों से प्रश्न पत्र की फोटो खींचने की संभावना है। परीक्षा अवधि में कैमरे बंद कराए जाते हैं।

ओएमआर शीट खाली छोड़े जाने पर कहा कि इससे व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने की आशंका सही नहीं है। सरकार मामले में न्यायिक जांच, एसआईटी गठन करने के साथ सीबीआई जांच की सहमति दे चुकी है।

मुख्यमंत्री ने नींबूवाला स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर हुए कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम ने दो टूक कहा कि प्रदेश में नकल माफिया को पनपने नहीं दिया जाएगा।

नकल माफिया को नेस्तनाबूद करने के लिए हमारी सरकार ने देश का सबसे कठोर नकलरोधी कानून लागू किया। इसके बाद भर्ती परीक्षाएं पारदर्शिता से संपन्न होती देख नकल व कोचिंग माफिया ने हाल में चीटिंग कराने का प्रयास किया, पर उसमें भी तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं की निगरानी समितियों में आयोग और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ युवाओं के भी शामिल होने के बाद समन्वित प्रयासों से नकल माफिया को समाप्त करना और आसान हो जाएगा।

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