जितेंद्र बोरा हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर ओखलकांडा के गमीणों ने हरीश नेहरू के नेतृत्व में आईजी रिद्धिम अग्रवाल से की मुलाकात
इस दौरान ग्रामीणों ने हत्याकांड का खुलासा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान जितेंद्र बोरा की माता भी मौजूद रहीं।
हल्द्वानी। जितेंद्र बोरा हत्याकांड (जीतू बोहरा) निवासी ग्राम-मल्ला ओखलकाळा तोक-धरता जिला नैनीताल (उत्तराखण्ड) 4 जून 2025 को अज्ञात लोगों ने मारकर सड़क के किनारे छोड़कर भाग गये।
जितेंद्र बोरा की माताजी नहीं आरोप लगाया कि मेरे बच्चे की मृत्यु का कारण आज दिनोक 21/08/2025 तुक भी पुलिस द्वारा नहीं बताया गया जिससे मेरी आत्मा आहत हुई हैं।
मैं अपने बच्चे की मृत्यु का कारण खोजेने हेतु हेतु आपसे नह निवेदन करती है। दिनोक उक्त प्रकरण 16 जून 2025 को प्रकरण में ग्रामवासियों द्वारा खनस्यूं- थाने में उक्त प्रकरण के खुलाने की मांग की गयी थी लेखिन खनस्यूं- थाना पुलिस द्वारा यह आस्वस्त किया गया कि उक्त प्रकरण का खुलासा दो दिन के अन्दर कर देंगे लेकिन तीन माह बाद भी उक्त प्रकरण का खुलासा नही किया गया है।
मेरे पुत्र की हत्या में कुछ प्रभावशाली लोग संलिप्त हो सकते है इसलिए विषय का लगातार दबाया जा रहा है उल्टा पुलिस द्वारा मेरे परिवार जनों को धमकाया जा रहा है।
तथा दोषियों को बचाने का काम किया जा रहा रहा है है जबकि मेरे व मेरे परिवार जनों जो लोग हत्या में समिल है उक्त लोगों का नाम पुलिस केअधिकारियों को बताया जा चुका है।
अतः महोदया से निवेदन है कि उक्त प्रकरण का खुलासा 6 दिन में नहीं होता है तो दिनोंक 27/08/2025 से उग्र आन्दोलन क्षेत्रवासियों के साथ करने को मजबूर होंगे।





