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केदारनाथ में बिगड़ रहे हालात? भरभराकर ढह गया बर्फ का पहाड़, 

 केदारनाथ धाम में चोराबाड़ी से ऊपर हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं में रविवार को ग्लेशियर टूट गया. इस दौरान बर्फ का गुबार उठा और कुछ देर बाद गहरी खाई में समा गया।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि गांधी सरोवर के ऊपर सुबह करीब पांच बजे एवलांच आया. हालांकि, इस घटना में किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है. इस एवलांच का वीडियो लोगों में दहशत फैला रहा है।

 केदारनाथ से एक भयावह तस्वीर सामने आई है। यहां गाधी सरोवर के ऊपर हिमस्खलन हुआ और बर्फ का पहाड़ देखते ही देखते भरभराकर नीचे आ गया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।

किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

घटना रविवार की है। जब यह घटना हुई तो केदारनाथ मंदिर के पास से किसी ने कैमरे में रिकॉर्ड कर ली। यहां बर्फ से ढका पहाड़ अचानक भरभराकर कर गिरता हुआ साफ देखा जा सकता है।

बर्फ से ढके पहाड़ के दरकने के कारण वहां दर्शन करने आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। सबकी नजरें दरकते हुए पहाड़ की तरफ ही लगी हुई थीं।

घटना उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले की है। यहां केदरानाथ मंदिर के नजदीक गांधी सरोवर के ऊपर यह हादसा हुआ। इस घटना की जानकारी देते हुए रुद्रप्रयाग के एसएसपी डॉ. विशाखा अशोक भदाने ने बताया कि घटना सुबह 5 बजे की है।

यहां केदारनाथ में गांधी सरोवर के ऊपर हिमस्खल का मामला सामने आया है। उन्होंने अपडेट देते हुए बताया कि इस घटना में किसी भी तरह की जान या माल का नुकसान नहीं हुआ है।

क्या होता है हिमस्खलन
ऊंचाई पर स्थित पहाड़ ज्यादातर इलाकों में बर्फ से ढके रहते हैं। कई बार अलग-अलग वजहों से पहाड़ों के ऊपर ढकी बर्फ अचानक से नीचे की तरफ तेजी से गिरने लगती है। इस घटना को हिमस्खलन कहा जाता है। इस दौरान बर्फ के तेजी से नीचे गिरने के कारण तेज आवाज भी आती है। कई बार ऐसी घटनाओं में लोगों की दबने से मौत हो जाती है।

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली थी। पहले हफ्ते तक लगभग 6 लाख श्रद्धालुओं ने यहां पहुंचकर दर्शन किया। इस बारे में जानकारी देते हुए रुद्रप्रयाग जिले के मजिस्ट्रेट ने बताया कि 10 मई से लेकर अबतक 7 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री इस 11वें ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने आ चुके हैं।

सितंबर और अक्टूबर 2022 में भी यहां तीन बार हिमस्खलन हुआ था। वहीं, 2023 में मई और जून में चौराबाड़ी से लगे कंपेनियन हिमनद में पांच बार हिमस्खलन की घटनाएं दर्ज की गईं। उस समय भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान और वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों ने इस क्षेत्र का स्थलीय और हवाई सर्वेक्षण कर पूरी स्थिति का जायजा लिया था।

वैज्ञानिक दल ने तब हिमालय क्षेत्र में इन घटनाओं को सामान्य बताया था, लेकिन उन्होंने केदारनाथ मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा को और बेहतर बनाने पर जोर दिया था।

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में ही सीएम धामी के आवासा पर उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि चारधाम यात्रा में जिलाधिकारियों के साथ समन्वय बिठाकर व्यवस्था को बनाए रखें।

इस दौरान धामी ने निर्देश देते हुए कहा कि यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं का मौके पर जाकर निरीक्षण करें और किसी तरह की कमी पाए जाने पर उसका समाधान करें।

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