भीमताल। भीमताल क्षेत्र की गंभीर जन समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करने जा रहे हरीश पनेरू व स्थानीय लोगों को पुलिस ने नजरबंद कर दिया।
बताया जा रहा है कि हरीश पनेरू भीमताल में बढ़ते बाघ आतंक, विकास कार्यों में अनियमितता, भ्रष्टाचार और अन्य स्थानीय जन समस्याओं को लेकर अपनी बात रखने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 12 बजे पुलिस ने संबंधित लोगों को हिरासत में लेकर भीमताल थाने में बैठा लिया, जहां उन्हें शाम तक नजरबंद रखा गया। इस दौरान किसी भी व्यक्ति को मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
हरीश पनेरू का कहना है कि भीमताल और आसपास के क्षेत्रों में बाघ की लगातार बढ़ती गतिविधियों से आमजन दहशत में है। कई बार वन विभाग को शिकायतें देने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप भी लंबे समय से लगाए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा।
नजरबंद किए गए लोगों ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी समस्याएं शासन तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन पुलिस कार्रवाई ने उनकी आवाज दबाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यह आम जनता के अधिकारों का हनन है।
वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दृष्टिगत एहतियातन यह कदम उठाया गया। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए संबंधित लोगों को अस्थायी रूप से थाने में रोका गया था।
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल है हरीश पनेरू ने प्रशासन के इस रवैये को लेकर नाराजगी जता रहे हैं। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे और व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।














