चारधाम यात्रा के लिए मिला 32 करोड़ का बजट समाप्त, हजारों स्वयंसेवकों के सामने रोज़गार का संकट
देहरादून। प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) स्वयंसेवकों को लेकर प्रदेशभर से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है।
बजट की कमी के चलते थानों और यातायात व्यवस्था में तैनात करीब 2900 पीआरडी जवानों की सेवाएं इस माह से समाप्त कर दी गई हैं। इससे हजारों परिवारों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
जानकारी के मुताबिक वर्ष 2024 में चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न जिलों में पीआरडी स्वयंसेवकों की बड़े पैमाने पर तैनाती की गई थी। इसके लिए सरकार की ओर से करीब 32 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। अब यह बजट पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जिसके चलते अतिरिक्त रूप से तैनात पीआरडी जवानों को ड्यूटी से हटा दिया गया है।
निदेशालय युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल की ओर से सभी जिलों के युवा कल्याण अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बजट उपलब्ध न होने के कारण थानों और यातायात में तैनात अतिरिक्त पीआरडी जवानों की सेवाएं आगे जारी रखना संभव नहीं है।
प्रदेश में वर्तमान में 10 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवक पंजीकृत हैं। इनमें से 7514 स्वयंसेवक विभिन्न विभागों में तैनात हैं। ये स्वयंसेवक सचिवालय, विधानसभा, आबकारी विभाग, आरटीओ, मंडी समिति, जल संस्थान, शिक्षा विभाग और तकनीकी शिक्षा विभाग समेत कई विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। ड्यूटी पर तैनात 7514 स्वयंसेवकों में लगभग 6608 पुरुष और 908 महिलाएं शामिल हैं।
2900 जवानों की अचानक ड्यूटी समाप्त होने से न सिर्फ स्वयंसेवकों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी, बल्कि थानों और यातायात व्यवस्था पर भी इसका सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इधर, इस फैसले को लेकर पीआरडी स्वयंसेवकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। प्रांतीय रक्षक दल हित संगठन की आज बैठक प्रस्तावित है, जिसमें आंदोलन समेत आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।
संगठन का कहना है कि सीमित मानदेय में लंबे समय से सेवाएं दे रहे पीआरडी जवानों को बजट खत्म होने का हवाला देकर हटाना अन्यायपूर्ण है।














