हल्द्वानी। पीड़ित परिवार के समर्थन में पहाड़ी आर्मी का धरना सोमवार को 8वें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि वे लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन न तो सरकार उनकी सुन रही है और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी।
पीड़ित परिवार का कहना है कि वर्ष 2019 में कोरोना काल के दौरान संबंधित बिल्डिंग में आग लगने के बाद केवल मरम्मत के नाम पर उनसे मकान और दुकान खाली करवा ली गई, जबकि बाद में उसी संपत्ति को अन्य लोगों को बेच दिया गया। इससे परिवार पूरी तरह बेरोजगार हो गया और आजीविका का संकट खड़ा हो गया।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में कुमाऊँ आयुक्त कार्यालय और विकास प्राधिकरण के सचिव द्वारा नजूल भूमि पर बने मकानों को गिराने के आदेश दिए गए थे, लेकिन अब तक उन आदेशों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसे लेकर पीड़ित परिवार ने प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।
धरने को संबोधित करते हुए पहाड़ी आर्मी के जिला अध्यक्ष राजेंद्र कांडपाल ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है और सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक पहाड़ी आर्मी का यह धरना-प्रदर्शन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
इस धरने में नगर अध्यक्ष कविता जीना, मोहन बोरा, दीपक, प्रेमा मेर, दीपा जी, बसंत, गीता बिष्ट, संजय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे और पीड़ित परिवार को अपना समर्थन दिया।

