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नैनीताल में होलिका दहन के साथ 30 वॉ होली महोत्सव का हुआ समापन 4 तारीख को खेली जाएगी छलडी

रिपोर्टर गुडडू सिंह ठठोला

नैनीताल। नगर में परंपरागत आस्था और उल्लास के साथ होलिका दहन का आयोजन किया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। पौराणिक कथा के अनुसार अहंकारी राजा हिरण्यकशिपु की बहन होलिका को अग्नि में न जलने का वरदान प्राप्त था, लेकिन जब उसने भगवान के परम भक्त प्रह्लाद को मारने के उद्देश्य से उसे गोद में लेकर अग्नि में प्रवेश किया, तो स्वयं जलकर भस्म हो गई। इस घटना को बुराई, अहंकार और नकारात्मकता के अंत के रूप में देखा जाता है।

होलिका दहन सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और समाज को यह संदेश देता है कि सत्य और भक्ति की सदैव विजय होती है। धार्मिक परंपरा के अनुसार लोगों ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा अग्नि में नई फसल की बालियां (अन्न) अर्पित कीं।

शुभ मुहूर्त में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा।

इस अवसर पर मनोज साह, अशोक साह, जगदीश बावरी, विमल चौधरी, राजेंद्र बिष्ट, विमल साह, मुकेश जोशी, कमलेश ढौंडियाल, आनंद बिष्ट, गोधन सिंह, गोविंद सिंह, हीरा रावत और मोहित लाल साह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

श्री राम सेवक सभा के अध्यक्ष मनोज साह एवं महासचिव जगदीश बावरी ने 30वें फागोत्सव के सफल आयोजन पर कलाकारों, स्कूली बच्चों, प्रधानाचार्यों, प्रशासन, पुलिस विभाग तथा सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और क्षेत्रवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं।

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