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देहरादून। उत्तराखंड में शराब के शौकीनों को राज्य सरकार ने बड़ा झटका दिया है। 1 अप्रैल से प्रदेश में शराब की कीमतों में बढ़ोतरी लागू हो गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है।

आबकारी विभाग उत्तराखंड द्वारा जारी नई दरों के अनुसार प्रत्येक बोतल पर 5 से 10 रुपये तक की वृद्धि की गई है।

विभाग की आयुक्त अनुराधा पाल ने बताया कि राज्य सरकार ने 3 वर्षीय नई आबकारी नीति लागू की है, जिसके तहत हर साल मामूली दर वृद्धि का प्रावधान रखा गया है।

यह नीति वर्ष 2028 तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद नई नीति तैयार की जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस कदम से राजस्व में स्थिरता आएगी और अवैध शराब के कारोबार पर भी नियंत्रण करने में मदद मिलेगी।

राज्य की अर्थव्यवस्था में आबकारी विभाग का अहम योगदान है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 700 शराब की दुकानें संचालित हो रही हैं, जिनसे सरकार को हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। इस वर्ष सरकार ने आबकारी विभाग के माध्यम से 5,000 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है।

नई आबकारी नीति से कारोबारियों को भी राहत मिली है। अब दुकानदारों को तीन साल के लिए वैध लाइसेंस मिलने से बार-बार की कागजी प्रक्रिया से छुटकारा मिला है, जिससे वे अपने व्यापार की बेहतर योजना बना पा रहे हैं।

हालांकि जहां इस नीति से सरकार और व्यापारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है, वहीं आम ग्राहकों के लिए शराब अब पहले से महंगी हो गई है, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

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