शुगर कंट्रोल चूर्ण में मिली ये अंग्रेजी दवा, हिरण के सींग से बना रहे थे आयुर्वेदिक भस्म, फैक्ट्री पर छापा
उधम सिंह नगर। दिनेशपुर थाना क्षेत्र में आयुर्वेदिक दवाओं के नाम पर लंबे समय से चल रहे खतरनाक फर्जीवाड़े का प्रशासन ने पर्दाफाश कर दिया।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देश पर की गई सुनियोजित कार्रवाई में गदरपुर की उप जिलाधिकारी ऋचा सिंह ने खुद शुगर मरीज बनकर आरोपी तक पहुंच बनाई और पूरे मामले का खुलासा किया।
शिकायतों के आधार पर शुरू हुई जांच के दौरान एसडीएम ऋचा सिंह ने आरोपी से दवा खरीदी और उसकी जांच कराई। रिपोर्ट में सामने आया कि तथाकथित डॉक्टर आयुर्वेदिक दवा के नाम पर एलोपैथिक शुगर की दवाएं मिलाकर मरीजों को दे रहा था, जो पूरी तरह अवैध और बेहद खतरनाक है।
सच्चाई सामने आते ही प्रशासन, पुलिस, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर और जीएसटी विभाग की संयुक्त टीम ने आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में करीब 60 हजार एलोपैथिक शुगर की गोलियां, बड़ी मात्रा में आयुर्वेदिक दवाओं के पैकेट, विटामिन D की दवाएं, खाली पैकिंग सामग्री और दवाएं पीसने की मशीनें बरामद हुईं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी के पास कोई वैध मेडिकल डिग्री नहीं थी, इसके बावजूद वह लंबे समय से लोगों का इलाज कर रहा था। छापे के दौरान एक अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद हुए। इतना ही नहीं, मौके से बारासिंघा के सींग मिलने पर वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अलग मामला दर्ज कर लिया है।
प्रारंभिक जांच में आरोपी का नेटवर्क देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक फैला होने की बात सामने आई है। प्रशासन ने करीब 100 से 200 लोगों से संपर्क कर उन्हें तत्काल दवा का सेवन बंद करने और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी है।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच जारी है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जनता की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

