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उत्तराखंड उच्च न्यायालय में उपनल संविदा व वन विभाग कर्मचारियों को नियमित नहीं करने के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की 

रिपोर्टर: गुड्डू सिंह ठठोला 

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ और वन विभाग में वर्षों से कार्यरत दैनिक श्रमिकों को नियमित न किए जाने के मामले में दायर अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई की।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को कैबिनेट के समक्ष रखा गया है और इस पर निर्णय लेने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। सरकार की मांग स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए एक सप्ताह बाद की तिथि तय की है।

पूर्व सुनवाई में हाईकोर्ट की एकलपीठ ने राज्य के कार्मिक सचिव शैलेश बगोली को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने उनसे पूछा था कि आखिर अब तक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया और कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं।

संविदा कर्मचारी संघ की ओर से अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि पूर्व में हाईकोर्ट की खंडपीठ उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर आदेश जारी कर चुकी है, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक उस पर कोई निर्णय नहीं लिया। साथ ही आदेश को न्यायालय के रिकॉर्ड में भी प्रस्तुत नहीं किया गया।

संघ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने अवमानना याचिका उत्तराखंड उपनल कर्मचारी संघ बनाम आनंद बर्धन, मुख्य सचिव उत्तराखंड की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करने की मांग भी की।

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