हल्द्वानी में आशा वर्कर्स का प्रदर्शन, कर्मचारी दर्जा और 11,500 मानदेय की उठाई मांग
हल्द्वानी। बुद्ध पार्क में राष्ट्रीय मांग दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन और ऐक्टू से जुड़े संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया।
इस दौरान बड़ी संख्या में आशा वर्कर्स और मजदूर संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम वेतन, कर्मचारी का दर्जा, पेंशन और 11,500 रुपये मासिक मानदेय लागू करने की मांग उठाई।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन में श्रम संहिताओं को मजदूर विरोधी बताते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। ऐक्टू के प्रदेश महामंत्री के के बोरा ने कहा कि नई श्रम संहिताओं से ठेका प्रथा और मजदूरों का शोषण बढ़ रहा है।
वहीं यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने कहा कि आशा वर्कर्स स्वास्थ्य विभाग की हर जिम्मेदारी निभा रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें सम्मानजनक मानदेय और कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल पाया है।
उन्होंने सरकार से वर्ष 2021 में किए गए 11,500 रुपये मासिक मानदेय के वादे को तत्काल लागू करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तार मजदूरों की रिहाई, आशा वर्कर्स को पेंशन, समय पर भुगतान और सरकारी अस्पतालों में खाली पदों को जल्द भरने की मांग।

