दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीनी; घूमने-फिरने का फेसबुक पर पोस्ट किया आखिरी खुशी का वीडियो
30 मिनट बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ी बाइक; 4 दोस्तों की मौत, एक युवक गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। फेसबुक पर घूमने-फिरने का वीडियो पोस्ट करने वाले पांच दोस्त महज आधे घंटे बाद भीषण हादसे का शिकार हो गए। तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर में चार युवकों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
हादसा करारी थाना क्षेत्र के दरियापुर चौराहे के पास हुआ। बताया जा रहा है कि पांचों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर धनपरा से दरियापुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली से उनकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और ट्रैक्टर-ट्रॉली भी पलट गई।
हादसे से कुछ मिनट पहले ही युवकों ने बाइक पर घूमते हुए फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में सभी दोस्त हंसते-मुस्कुराते नजर आ रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी वीडियो साबित होगा। हादसे के बाद वही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर के बाद युवक कई फीट दूर सड़क पर जा गिरे। मौके पर पहुंची स्थानीय लोगों की भीड़ ने बचाव की कोशिश की, लेकिन तब तक चार युवकों की मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान राहुल, आकाश सरोज (25), अमन (22) और संजीत के रूप में हुई है। वहीं पांचवां युवक गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार आकाश और अमन रिश्ते में चाचा-भतीजे थे। एक ही परिवार के दो लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
घटना के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही एसपी सत्यनारायण, सीओ सदर शिवांक सिंह और करारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।
एसपी सत्यनारायण ने बताया कि डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस और एंबुलेंस को तुरंत मौके पर भेजा गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पांच युवक एक ही बाइक पर सवार थे। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हादसे के हर पहलू की जांच की जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यातायात नियमों का पालन होता और ओवरलोडिंग पर सख्ती रहती, तो शायद चार युवकों की जान बच सकती थी।

