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हल्द्वानी। नैनीताल रोड स्थित Bikaner Sweet में आज हल्द्वानी के प्रमुख दवा कारोबारियों की एक महत्वपूर्ण सभा आयोजित की गई।

बैठक में 20 मई को एआईओसीडी (AIOCD) द्वारा प्रस्तावित ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में ऑल इंडिया केमिस्ट बंद को लेकर चर्चा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में दवा व्यवसायियों ने भाग लिया।

सभा में दवा विक्रेताओं ने सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री जन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती है तथा ऑनलाइन उपलब्ध दवाओं की गुणवत्ता भी संदेह के घेरे में रहती है। कारोबारियों का कहना था कि ऑनलाइन दवा वितरण में नियमों एवं मानकों की लगातार अनदेखी हो रही है, जिससे दवा व्यापार पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।

इसी बीच खाद्य औषधि एवं प्रसाधन विभाग द्वारा 15 मई 2026 को दवा संगठन को प्राप्त पत्र का भी उल्लेख किया गया, जिसमें ड्रग कंट्रोलर द्वारा निर्देशित किया गया था कि 20 मई को प्रस्तावित बंद के दौरान जन स्वास्थ्य प्रभावित न हो, इसलिए अत्यावश्यक सेवाओं के तहत दवा दुकानों को बंद न किया जाए।

इसके बाद सभा में सर्वसम्मति से 20 मई के बंद का फैसला वापस लेने का निर्णय लिया गया। वरिष्ठ दवा कारोबारी हरीश पाठक ने कहा कि दवा व्यवसायी दुकानें बंद नहीं करेंगे, बल्कि सरकार के खिलाफ अन्य तरीकों से विरोध दर्ज कराया जाएगा। उनके प्रस्ताव का सभी कारोबारियों ने समर्थन किया।

वरिष्ठ कारोबारी पंकज कंसल ने कहा कि ऑनलाइन कारोबार से केवल दवा व्यापारी ही नहीं बल्कि अन्य व्यापारी वर्ग भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में सभी व्यापार मंडलों को साथ लेकर एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

वहीं बनभूलपुरा के अहतेशाम ने 20 मई को दुकानें खुली रखते हुए काली पट्टी बांधकर विरोध करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी कारोबारियों ने स्वीकार कर लिया। मुखानी की दवा व्यवसायी भारती राठौर ने कहा कि दवा व्यापार अत्यावश्यक सेवाओं की श्रेणी में आता है, इसलिए दुकानें बंद करने से आम जनता को परेशानी हो सकती है।

अंत में सभी दवा कारोबारियों ने एकमत से निर्णय लिया कि 20 मई को दवा प्रतिष्ठान बंद नहीं किए जाएंगे, बल्कि कारोबारी अपने प्रतिष्ठानों पर काली पट्टी बांधकर अथवा काला झंडा लगाकर ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे।

सभा में नीरज कांडपाल, विवेक भसीन, हरीश पाठक, जयदीप सहनी, मनोज जोशी आदि मौजूद थे।

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