पहाड़ी आर्मी के आह्वान पर जुटेगा पर्वतीय समाज, संस्कृति, बोली-भाषा और संसाधनों की रक्षा को लेकर होगा मंथन
हल्द्वानी। पर्वतीय अस्मिता, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के उद्देश्य से 14 जून को हल्द्वानी में पहाड़ी जन सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। पहाड़ी आर्मी उत्तराखंड के तत्वावधान में आयोजित यह सम्मेलन नवाबी रोड स्थित रूद्राक्ष बैंक्विट हॉल में दोपहर 2 बजे से शुरू होगा।
पहाड़ी आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा कि पहाड़ी समाज की पहचान, बोली-भाषा, रीति-रिवाज, कुल देवी-देवताओं, खान-पान और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का एकजुट होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पहाड़ी अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प का मंच है।
हरीश रावत ने पर्वतीय समाज के लोगों से परिवार सहित सम्मेलन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान समय में अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन, पर्वत और नदियों के संरक्षण में पहाड़ी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी मिट्टी और संस्कृति से जोड़कर रखना हमारा दायित्व है।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन के माध्यम से सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक सहभागिता और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की रणनीति पर भी चर्चा होगी। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में बड़ी संख्या में पर्वतीय समाज के लोग शामिल होकर एकता और सांस्कृतिक संरक्षण का संदेश देंगे।
कार्यक्रम विवरण
📍 स्थान – रूद्राक्ष बैंक्विट हॉल, नवाबी रोड, हल्द्वानी
📅 तिथि – 14 जून 2026 (रविवार)
🕑 समय – दोपहर 2:00 बजे
पहाड़ी आर्मी ने लोगों से आह्वान किया है कि वे अपनी बोली, भाषा, संस्कृति, देवी-देवताओं और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए इस जन सम्मेलन में बढ़-चढ़कर भाग लें।


