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नैनीताल जिले के कालाढूंगी विधानसभा के चकलुवा की लीची बनी किसानों की मिठास भरी कमाई,हो रही है एक्सपोर्ट, मुख्यमंत्री धामी का किसानों ने जताया आभार

कालाढूंगी/नैनीताल। नैनीताल जिले के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र स्थित चकलुवा गांव में इस वर्ष लीची की बंपर पैदावार ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। बेहतर मौसम, उन्नत बागवानी तकनीकों और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव से क्षेत्र में लीची का उत्पादन अपेक्षा से अधिक हुआ है। किसानों को इस बार अच्छी आमदनी की उम्मीद है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना है।

चकलुवा गांव लंबे समय से उच्च गुणवत्ता वाली लीची के उत्पादन के लिए जाना जाता है। इन दिनों गांव के बागानों में लाल-लाल लीचियों से लदे पेड़ लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। बागानों में तुड़ाई का कार्य जोरों पर चल रहा है और किसान सुबह से शाम तक फलों की छंटाई, पैकिंग और बाजारों तक पहुंचाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं।

किसानों के अनुसार इस वर्ष मौसम लीची की फसल के लिए अनुकूल रहा, जिससे फलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बेहतर हुए हैं। स्थानीय बाजारों में चकलुवा की लीची की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न शहरों के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों में भी यहां की लीची भेजी जा रही है, जिससे किसानों को अच्छे दाम मिलने की उम्मीद है।

क्षेत्र के किसानों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उन्हें मिल रहा है। बागवानी संबंधी प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और अन्य सुविधाओं से उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। किसानों का मानना है कि यदि इसी तरह सहयोग मिलता रहा तो आने वाले वर्षों में चकलुवा की लीची राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकती है।

बंपर उत्पादन और बाजार में बढ़ती मांग से उत्साहित किसान भविष्य को लेकर आशावान हैं। उनका कहना है कि चकलुवा की लीची न केवल क्षेत्र की पहचान बनेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।

किसानों को उम्मीद है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र उत्तराखंड के प्रमुख फल उत्पादक क्षेत्रों में और अधिक मजबूती से स्थापित होगा।

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