PhonePe, GPAY, Paytm चलाने वालों के लिए NPCI ला रहा नया फीचर, एक ऐप पर दिखेंगे सभी ऑटोमैटिक पेमेंट्स
नई दिल्ली। भारत में UPI सिस्टम का संचालन करने वाली सरकारी संस्था NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) एक नया डिजिटल इंटरफेस तैयार कर रही है। इस नई सुविधा के जरिए यूजर्स Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे किसी भी एक UPI ऐप पर अपने सभी ऑटोमैटिक पेमेंट (ई-मैंडेट) एक साथ देख सकेंगे।
इस फीचर के तहत ग्राहक यह जान सकेंगे कि उनके बैंक खाते से कौन-कौन से ऑटो पेमेंट सक्रिय हैं, जैसे Netflix, Amazon Prime और अन्य OTT सब्सक्रिप्शन, बिजली-पानी के बिल, बीमा प्रीमियम, लोन की EMI आदि। इससे अलग-अलग UPI ऐप पर जाकर ऑटो पेमेंट्स की जानकारी देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ET Telecom की रिपोर्ट के अनुसार, NPCI ऐसा साझा इंटरफेस विकसित कर रही है, जिसे सभी UPI ऐप्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, यदि कोई ग्राहक किसी ऑटो पेमेंट को बंद करना या उसमें बदलाव करना चाहता है, तो उसे उसी UPI ऐप पर जाना होगा, जिसके माध्यम से उसने शुरुआत में ऑटो पेमेंट (ई-मैंडेट) बनाया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, सभी UPI ऐप्स पर ई-मैंडेट की सूची दिखाई जाएगी, लेकिन बदलाव या कैंसिलेशन के लिए यूजर को मूल ऐप पर ही भेजा जाएगा।
इस बीच UPI ऑटोपे का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। NPCI के आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में देश के शीर्ष 10 बैंकों ने करीब 1.6 अरब ई-मैंडेट ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जबकि एक वर्ष पहले यह संख्या 57.7 करोड़ थी। यानी एक साल में ऑटोपे ट्रांजैक्शन लगभग तीन गुना बढ़ गए हैं।
हालांकि, ऑटोपे ट्रांजैक्शन में रिजेक्शन की दर भी काफी अधिक है। NPCI के अनुसार, सबसे बड़े रेमिटर बैंक SBI में केवल लगभग 30 प्रतिशत ऑटोपे ट्रांजैक्शन सफल होते हैं, जबकि करीब 70 प्रतिशत ट्रांजैक्शन अपर्याप्त बैलेंस जैसी वजहों से असफल हो जाते हैं।
NPCI का उद्देश्य इस नए सिस्टम के जरिए ऑटोपे प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाना और अधिक से अधिक लोगों को इस सुविधा से जोड़ना है।


