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पिथौरागढ़ में भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग और आदि कैलास मार्ग बाधित, श्रद्धालु फंसे; नैनीताल में जलभराव से पर्यटक परेशान

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून का असर अब कुमाऊं मंडल में अधिक देखने को मिल रहा है। पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में भारी बारिश ने आपदा जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग और सीमा सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे चीन सीमा से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। वहीं नैनीताल में मूसलाधार बारिश से कई सड़कें जलमग्न हो गईं और वीकेंड पर पहुंचे पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

शनिवार रात धारचूला क्षेत्र में 82 मिमी वर्षा दर्ज की गई। भारी बारिश के चलते टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर चट्टानें खिसकने से यातायात ठप हो गया। आदि कैलास मार्ग पर मलघाट के पास लगातार पत्थर गिरने से आवागमन पूरी तरह बंद है। तवाघाट-लिपूलेख (कैलास मानसरोवर यात्रा) मार्ग और तवाघाट-सोबला-तिदांग सड़क भी पांच स्थानों पर मलबा आने के कारण बाधित हो गई है।

सड़कें बंद होने से चीन सीमा से जुड़े पांच दर्जन से अधिक सीमांत गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग और सीमा मार्ग बाधित होने से आदि कैलास यात्रा पर निकले श्रद्धालु भी विभिन्न स्थानों पर फंस गए हैं।

भारी बारिश के कारण धारचूला में घटखोला-सीनियाखोला पैदल पुल भी बह गया। इससे सीनियाखोला के सात परिवार पूरी रात दहशत के साये में रहे।

दूसरी ओर, नैनीताल में लगातार बारिश से कई स्थानों पर जलभराव हो गया। पर्यटन सीजन और वीकेंड के चलते बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटकों को जाम और जलभराव के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

इधर, देहरादून में दिनभर धूप और बादलों की आंख-मिचौनी के बीच उमस बनी रही। अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार रविवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा देहरादून, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक एहतियाती इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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