हरेला पर्व पर नैनीताल में हरित संकल्प, जनसहभागिता से हजारों पौधों का रोपण
हल्द्वानी। उत्तराखंड की लोक परंपरा और प्रकृति संरक्षण के प्रतीक हरेला पर्व के अवसर पर जनपद नैनीताल में गुरुवार को बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया गया। जिला मुख्यालय से लेकर विकास खंड, न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत और वन पंचायत स्तर तक जनसहभागिता के साथ हजारों पौधे लगाए गए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और हरित भविष्य के निर्माण का संदेश देते हुए पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लिया गया।
कुमाऊँ आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने नैनीताल स्थित कुमाऊँ कमिश्नरी परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माँ के सम्मान और प्रकृति के संरक्षण के लिए कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए तथा उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाए। उन्होंने हरेला पर्व को पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का सामूहिक संकल्प बताया।
वहीं, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी कैंप कार्यालय परिसर में पौधारोपण कर सभी को हरेला पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा, जब रोपे गए पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को मानसून के दौरान निर्धारित लक्ष्य से अधिक पौधारोपण करने और पौधों की नियमित देखरेख के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे के नेतृत्व में विकास भवन भीमताल सहित विभिन्न क्षेत्रों में बृहद पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने छायादार, चौड़ी पत्ती वाले, फलदार और पुष्पीय पौधों का रोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
जनपद के सभी विकास खंडों, न्याय पंचायतों, ग्राम पंचायतों और वन पंचायत क्षेत्रों में भी हरेला पर्व के अवसर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। वन, कृषि, उद्यान, भेषज, सहकारिता और ग्राम्य विकास विभाग द्वारा मानसून अवधि में यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
हरेला पर्व पर आयोजित इस व्यापक अभियान ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के साथ सामुदायिक सहभागिता को भी मजबूत किया तथा हरित विकास और स्वच्छ पर्यावरण का प्रभावी संदेश दिया।


